मुंबई (संवाददाता)। महानगर से ओखी चक्रवात का खतरा तो टल गया है। लेकिन ओखी के कारण हुई बारिशव अचानक मौसम मे आए बदलाव की वजह से सर्दी, खांसी, बुखार जैस संक्रमित रोगों के तेजी से फैलने का खतरा ब़ढ गया है, पिछले हुई बारिश की वजह से शहर में डेंगू, मलेरिया के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो सकता है।
आमतौर पर अक्टूबर नवंबर महीने में डेंगू मलेरिया के मरिजों की संख्या में कमी होने लगती है। दिसंबर महीने में ७० प्रतिशत मरीजों की संख्या भी कम हो गई है। आकाई पर छाँए कोहरे और अचानक तापमान के भी लु़ढकने की वजह से मरीजों की संख्या में ब़ढोतरी होने लगी है। मौसम विभाग के मुताबिक ओखी की वजह से शहर से तापमान में काफी बदलाव हुए हैं।
आमतौर पर ३३ से ३४ डिग्री सेल्सियस के बीच रहने वाले अधिकतम तापमान में ३ से ४ डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को सांताक्रुज में अधिकतम तापमान २९.६ डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान २१.२ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोलाबा में अधिकतम से तापमान २९ डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान २२.३ डिग्री सेल्सियस रहा। मुंबई मौसम विभाग के अधिकारी अजय कुमार के अनुसार ओखी की वजह से उत्तर दिशा से आनी वाली हवा प्राभावित हुई है।
बचाव
फुटपाथ की चीजों से परहेज करें
भी़डभाड वाले इलाके में न रुके
मास्क का इस्तेमाल
डॉक्टर से सलाह से दवा ले
खानपान पर दें विशेष ध्यान
तापमान में लगातार हो रहा बदलाव स्वास्थ के लिए सर्वाधिक घातक होता है। ऐसे मौसम में संक्रमित रोग तेजी से फैलते हैं। रोग से बचने के लिए लोगों को अपने खान पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए. रोग प्रतिकारक क्षमता को ब़ढा पर संक्रमित रोगों से बचा जा सकता है। गुड, तिल, बाजरी और खजूर को अपने आहार में शामिल कर आसानी से रोग प्रतिकारक क्षमता को ब़ढाया जा सकता है।
डॉ. सुशील बहेती


