मुंबई (सं. भा.)। प्रधानमंत्री मोदी भ्रष्टाचार के प्रति कितने भी गंभीर दिखाई दें परंतु सरकारी महकामें में यह दीमक इतना अंदर तक घर कर गया है कि वर्तमान में लाइलाज नजर आता है। मुंबई मनपा भी भ्रष्टाचार का दलदल बन चुका है। छोटी सी छोटी काम के लिए वहां पहुंचने वाला आम आदमी इस दलदल में ऐसा फंसता है कि उस से बाहर निकलने के लिए उसे वहां के अधिकारियों की जेब गरम करनी पड़ती है। आर दक्षिण विभाग का लाईसेंस विभाग भी भ्रष्टाचार रुपी सुरसा बना बैठा है। पैसे की लेन देन करते इंस्पेक्टरों की भ्रष्टाचार निरोध -ब्यूरो द्वारा गिरपÌतार किए जाने के बावजूद इस विभाग के अधिकारी सूधरने को तैयार नहीं हैं। चारकोप के गणेश नगर में इन दिनों यह कहावत हर किसी के जुबान पर है कि ‘मोरे की गिरपÌतार के बाद भी जावले की दादागिरी बढ़ गई है, कार्रवाई के नाम पर जम कर वसूली जारी हैं।’
बता दें कि कांदिवली पश्चिम के गणेश नगर में बड़े पैमाने पर प्लेटिंग, पानीपुरी सहित कई छोटे-बड़े कारखाने चलते हैं। इन में से कई कारखाने बिना लाइसेंस के या मनपा द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार आधे-अधुरे कागजातों पर चलाए जाते हैं।
मनपा आर दक्षिण विभाग के लाइसेंस विभाग इसी का फायदा उठा कर इन कारखाना मालिकों से जम कर पैसे वसूलते हैं। विगत ६ महीने पहले कांदिवली क्षेत्र में लाइसेंस विभाग के इंस्पेक्टर रहे संदीप मोरे और उसके सहायक को अवैध वसूली करते हुए मुंबई पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने रंगे हाथों गिरपÌतार किया था। अपने वरिष्ठ अधिकारी के साथ हुए इस गंभीर हादसे के बाद भी जावले नामक सहायक इंस्पेक्टर के मन में किसी प्रकार का डर या भय नहीं दिखाई देता हैं। वह बिंदास हो कर गणेश नगर के के.डी. कंपाउंड, इस्लाम कंपाउंड, मनिहार चॉल, लालजी पाडा, लाल तिवारी रोड, एकता नगर आदि परिसरों में चलने वाले प्लेटिंग कारखाना, पानी पुरी तथा अन्य कारखाना मालिकों से कार्रवाई का डर दिखा कर अवैध वसूली करता नजर आता है।
परिवर्तन फाउंडेशन के अध्यक्ष राजकिशोर तिवारी ने जावले के इस अवैध वसूली के खिलाफ मुख्यमंत्री से लेकर मनपा आयुक्त तथा भ्रष्टाचार निरोध -ब्यूरो तक को पत्र लिख कर जांच कराने की मांग की है।


