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77 वां गणतंत्र दिवस: वंदे मातरम

आज हमारा देश 77 वां गणतंत्र दिवस समारोह अत्यंत धूमधाम और अभिमान पूर्वक मना रहा है। हमारा देश 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ था तथा 26 जनवरी 1950 को इसके संविधान को आत्मसात किया गया, जिसके अनुसार भारत देश एक लोकतांत्रिक, संप्रभु तथा गणतंत्र देश घोषित किया गया। यह महान दिवस भारत की राष्ट्रीय यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इसी दिन संविधान लागू होने के साथ ही देश की ‘संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य’ की औपचारिक रूप से स्थापना हुई।

बता दें कि 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी तो मिल गई थी, लेकिन हमारे पास अपना संविधान नहीं था। हम तब भी ब्रिटिश कानून ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935’ के तहत अपना कार्य संचालन कर रहे थे। 26 जनवरी 1950 को जब डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली और तिरंगा फहराया तथा 21 तोपों की सलामी के भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया। यह ऐतिहासिक क्षणों में गिना जाने वाला समय था। तब भारत सही मायनों में एक गणराज्य बना। ध्यान रहे कि संविधान लागू होने के बाद ही डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने प्रथम राष्ट्रपति की शपथ ली थी। इसके बाद से हर वर्ष इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। हमारा गणतंत्र हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है और यह संदेश देता है कि आज का दिन राष्ट्र की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक परंपराओं को सुदृढ़ करने का संकल्प लेने का अवसर है। हमारा संविधान देश के नागरिकों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी सरकार चुनने का अधिकार देता है।

इस बार गणतंत्र दिवस का विषय-वास्तु ‘वंदे मातरम 150 वर्ष’ है। गणतंत्र दिवस 2026 ‘वंदे मातरम्’ के गौरवशाली 150 वर्षों को समर्पित रहेगा। हमे भी इस विषय वास्तु का ध्यान रखना चाहिए और सदैव गणतंत्र की भावना का सम्मान करना चाहिए। वंदे मातरम की थीम को ध्यान में रखते हुए ही भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की स्पष्ट व प्रभावी छाप दिखाई देगी। कुल मिलाकर इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह के हिस्से के रूप में ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। परेड में कुल 18 मार्चिंग टुकड़ियां और 13 बैंड शामिल हैं। गणतंत्र दिवस परेड, सांस्कृतिक प्रदर्शन, हुंकारियां, सार्वजनिक प्रतियोगिताएं और अन्य कार्यक्रम इसी विषय-वस्तु पर आधारित होंगे। इस प्रकार, भारत का राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और वर्तमान राजनीतिक स्थितियों को इस वर्ष के समारोहों के केंद्र में रखा जाएगा।
  आप सभी को 77 वें
गणतंत्र दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएँ।
    जय हिंद
  वंदे मातरम।

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