मुंबई (सं. भा.)। बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद मुंबई में गर्मी ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में ही तापमान में हुई तेज बढ़ोतरी ने मौसम के मिजाज को बदल दिया है। सांताक्रुज मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.9 डिग्री अधिक है। वर्ष 2019 के बाद अक्टूबर में पहली बार तापमान इस स्तर तक पहुंचा है। मौसम के इस बदलाव से साफ है कि मानसून की विदाई के बावजूद मुंबईकरों को फिलहाल तेज धूप और गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं।
मौसम के आंकड़ों के मुताबिक, सांताक्रुज में अक्टूबर महीने का अब तक का सर्वाधिक तापमान 17 अक्टूबर 2015 को 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इसके बाद 29 अक्टूबर 2018 को पारा 38 डिग्री तक पहुंचा था। मौजूदा तापमान अक्टूबर के ऐतिहासिक आंकड़ों में भी ऊंचे स्तर पर दर्ज किया गया है। हालांकि तापमान में असामान्य बढ़ोतरी के बावजूद मौसम विभाग ने मुंबई के लिए लू की चेतावनी जारी नहीं की है।
गर्मी का असर केवल उपनगरों तक सीमित नहीं है। दक्षिण मुंबई के कोलाबा मौसम केंद्र में भी अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.9 डिग्री अधिक है। दिन के समय तेज धूप निकलने से लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। अक्टूबर में आमतौर पर मौसम में धीरे-धीरे ठंडक आने की उम्मीद रहती है, लेकिन इस बार तापमान में बढ़ोतरी ने लोगों को फिर से गर्मी के बीच ला खड़ा किया है।
मौसम विश्लेषकों के अनुसार, वायुमंडल में प्रतिचक्रवाती परिस्थितियां बनने और उत्तर-पूर्वी हवाओं के प्रभाव से तापमान बढ़ रहा है। इन परिस्थितियों में समुद्र की ओर से आने वाली ठंडी हवाओं का असर देर से महसूस होता है। इसी कारण शहर और उपनगरों में दिन का तापमान ऊंचा बना हुआ है। स्वतंत्र मौसम विश्लेषक अथर्व शेट्टी के अनुसार, मौजूदा वायुमंडलीय परिस्थितियों में बदलाव आने के बाद ही तापमान में गिरावट की संभावना है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 12 से 15 अक्टूबर तक मुंबई में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रह सकता है। इस दौरान बारिश की संभावना कम रहने से तेज धूप का असर बना रहने की उम्मीद है।


