लखनऊ (सं. भा.), उत्तर प्रदेश कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद वरिष्ठ नेता अजय राय को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष के कार्यभार ग्रहण समारोह के दौरान हुई कथित गाली-गलौज और मारपीट की घटना ने संगठन की अंदरूनी खींचतान को उजागर कर दिया है। इस विवाद के बीच अजय राय की नाराजगी और कांग्रेस छोड़ने की संभावनाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, उनके पार्टी छोड़ने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
अजय राय की नाराजगी की वजह केवल पार्टी कार्यालय में हुआ विवाद ही नहीं, बल्कि प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने का तरीका भी बताया जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उन्हें बिना पूर्व सूचना पद से हटाए जाने से ठेस पहुंची है। वहीं, महिला कांग्रेस की नेता ममता चौधरी ने भी अजय राय के खिलाफ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से शिकायत करने की बात कही है। उन्होंने दलित नेताओं के साथ कथित भेदभाव का आरोप लगाते हुए संगठन के भीतर सवाल उठाए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस नेतृत्व की ओर से अजय राय को मनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हो रही है। राजनीतिक हलकों में यह अटकल लगाई जा रही है कि उन्हें किसी दूसरे राज्य का प्रभारी बनाया जा सकता है। गुजरात जैसे महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी सौंपे जाने की चर्चा भी है, हालांकि पार्टी ने इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
दूसरी ओर, उनके भाजपा में लौटने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
कांग्रेस कार्यालय में हुए विवाद पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस अब केवल कार्यालयों और कागजों तक सीमित रह गई है और समय-समय पर ऐसी घटनाओं से अपने अस्तित्व का एहसास कराने की कोशिश करती है।
फिलहाल अजय राय के अगले राजनीतिक कदम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। अब देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व उनकी नाराजगी दूर करने में सफल होता है या पार्टी के भीतर जारी यह खींचतान आने वाले दिनों में नया राजनीतिक मोड़ लेती है।


