मुंबई.(सं.भा.) समुद्र को प्रदूषण से बचाने और शहर की सीवेज व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे ने शनिवार सुबह मालाड में निर्माणाधीन अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निरीक्षण किया और परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों व ठेकेदारों को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
मुंबई सीवरेज प्रोजेक्ट विभाग द्वारा मालाड में 454 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना का लक्ष्य 30 मई 2028 तक निर्माण कार्य पूरा करना है। निरीक्षण के दौरान आयुक्त अश्विनी भिडे ने कहा कि काम में तेजी लाने के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त तकनीकी विशेषज्ञों और श्रमिकों की नियुक्ति की जाए, ताकि परियोजना समय पर पूरी हो सके।
उन्होंने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद सीवेज के शोधन की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे समुद्र में छोड़े जाने वाले पानी की गुणवत्ता बेहतर होगी और समुद्री प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न मशीनों की स्थापना, विद्युत व्यवस्था, ट्रीटमेंट यूनिट्स की कार्यक्षमता और सुरक्षा मानकों की समीक्षा करते हुए प्रत्येक चरण में गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
इस दौरान आयुक्त ने मुंबई में निर्माणाधीन अन्य सीवेज ट्रीटमेंट परियोजनाओं की भी समीक्षा की। इनमें मालाड (454 एमएलडी), वरली (500 एमएलडी), भांडुप (215 एमएलडी), बांद्रा (180 एमएलडी), धारावी (418 एमएलडी), घाटकोपर (337 एमएलडी), वेसावे/वर्सोवा (180 एमएलडी) और कुलाबा (37 एमएलडी) शामिल हैं। इन सभी परियोजनाओं की कुल क्षमता 2,501 मिलियन लीटर प्रतिदिन होगी।
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर, स्थानीय नगरसेविका कमरजहां सिद्दीकी, उपायुक्त डॉ. भाग्यश्री कापसे, प्रशांत गायकवाड़, शशांक भोरे, प्रमुख अभियंता (मुंबई सीवरेज प्रोजेक्ट) अशोक मेंगड़े सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


