- ४ से ५ सवारी बैठाकर उड़ाते हैं नियमों की धज्जियां
- कांदिवली यातायात पुलिस नहीं करती कार्रवाई
मुंबई (सं. भा.) कांदिवली में शेयरिंग ऑटोरिक्शा चालक आम लोगों के लिए सिरदर्द बन गए हैं। ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में शेयरिंग ऑटोरिक्शा चालक न केवल यातायात के सभी कायदे कानून को ताक पर रख देते हैं, बल्कि क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं का सबक बनते जा रहे हैं। यहां ज्यादातर ऐसे चालक हैं, जिनके पास न तो आरटीओ द्वारा प्रमाणित लाइसेंस है और न ही बैच। इसके बावजूद यातायात पुलिस आखिर इन पर कार्रवाई करने से क्यों कतराती है, यह एक सोच का विषय है।

कांदिवली स्टेशन से लेकर गणेश नगर, लालजी पाड़ा, हिंदुस्तान नाका, इरानी वाड़ी, भाब्रेकर नगर, गणेश नगर सिगनल से लेकर मालवणी तक शेयरिंग ऑटोरिक्शा चलते हैं। इन सभी रास्तों पर चलनेवाले ऑटोचालक ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में तीन से लेकर ५ सवारियों को रिक्शा में बैठाते हैं, जिन पर कार्रवाई करने की बजाय यातायात पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है। खास बात यह है कि इन सभी शेयरिंग ऑ टोरिक्शा चालक में ५० फीसदी ऐसे चालक हैं जिनके पास लाइसेंस और बैच तक नहीं है और इनमें कई ऐसे भी हैं जो नशा करके रिक्शा चलाते हैं। हालांकि, पातायात पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी होने के बावजूद वह इन पर कार्रवाई करने से कतराते हैं।


