मुंबई (संवाददाता)। कुछ लोग सोचते है कि पानी में डूबकी लगा कर बिष्टा करने से किसी को पता नहीं चलेगा ऐसा नहीं है, बिस्टा करने वाला चाहे कितना भी गहराई में डूबकी लगा लें। बिस्टा आखिर कार पानी के उपर आ ही जाता है। ऐसा हीं कांदिवली के इरानी वाडी ४ नंबर में रहने वाले तीन चीटरों के साथ हुआ है। उन्होंने जिस जगह पर चॉल बना दिया उसके कागजात ही फर्जी निकले हैं। उनके खिलाफ क़डाई ल़डने वाले टैक्सी ड्राइवर को कोर्ट ने न्याय दिलाया है। इस फर्जी वा़डे के खिलाफ सबके पहले टैक्सी ड्राइवर के हक्क में `संगठन भारत’ जुलाई २०१५ में ही आवाज बुलंद की थी।
बता दें कि इरानी वा़डी में रहनेवाले चीटर रामनारायण चंद्रिका पांडे (७५), धिरुभाई नाथवाणी और भास्कर झुरी सिंह ने मिल कर एक जमीन के मामले में टैक्सी चालक अनिरुद्ध कुमार तिवारी (५१) से ठगी की थी। तब उसने इन तीनो चीटरों द्वारा इरानी वा़डी के रोड नंबर ४ पर स्थित एक ४१५२ गज की जगह के लीज का आरटीआई के माध्यम से जानकारी निकाली। जानकारी में पता चला कि सर्वे नंबर ७८, सी.टी.एस. नंबर २२७ भाग १/१को इन तीनों ने ९९ वर्षों के लीज पर सरकार से लिया है। पूरे कागजात को ध्यान से प़ढने पर टैक्सी ड्राइवर तिवारी ने पाया कि ०७/०३/१९७० में स्टैंप पेपर पर मेट्रोपोलीटीन मैजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षर किया गया। जब तिवारी ने जानकारी निकाली तो पता चला कि मुंबई में तब मेट्रोपोलीटीन मैजिस्ट्रैट की जगह प्रेसीडेंसी मैजिस्ट्रेट हुआ करते थे। तब पुलिस ने जब एफआईआर दर्ज नहीं की तो उन्हें बोरीवली कोर्ट का शरण लिया। कोर्ट नंबर २६ ने आखिरकार कागजातों के आधार पर बोरीवली पुलिस स्टेशन को शिकायत दर्ज करने का आदेश दिया। अब पुलिस ने भा.द.वि. की धारा ६६७, ४७४ के तहत मामला दर्ज कर अब आगे जांच कर रही है। टैक्सी ड्राइवर की मेहनत और `संगठन भारत’ अखबार द्वारा उठाई गई आवाज अब जा कर रंग दिखाने लगी। इंतजार इस बात है कि उक्त तीनों चीटर पुलिस द्वारा कब गिरफ्तार किए जाएंगे।


