spot_img
Homeमुंबईदेखो मुख्यमंत्री! महाडा कैसे करती है गरीबों के संडास में भ्रष्टाचार

देखो मुख्यमंत्री! महाडा कैसे करती है गरीबों के संडास में भ्रष्टाचार

मुंबई (सं. भा.)। गरीबों और दलितों की हितैशी होने का दावा मुख्यमंत्री गाहे-बगाहे करते रहते हैं। उन्ही के मातहत आने वाले महाडा द्वारा मुंबई की झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले गरीब और दलित लोगों के लिए बनाए गए संडास में भारी भ्रष्टाचार होने की गंध आ रही है। भ्रष्टाचार का यह गंध महाडा के कार्यकारी अभियंता चांद्रे तथा दुय्यम अभियंता धात्रक और काट्रेक्टर हरीश हिरानंद चटवानी की मिली भगत से फैला है।

बता दे कि गोरेगांव पश्चिम के भगत सिंह नगर नंबर दो में १८ सीट के ए. पी. ब्लाक (शौचालय) बनाने का ठेका उल्हास नगर के कामना कंस्ट्रक्शन के मालिक हरीश चेटवानी को महाडा द्वारा दिया गया था। उस दौरान हरीश ने अपनी कंपनी की ओर से गोरेगांव में रहनेवाले रमेश शाह को वहां सूपरवाइजर नियुक्त किया था। शाह इमांदारी से काम कराना चाहते थे परंतु हरीश ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि जैसा वह और महाडा के सब इंजीनियर कदम कहते है वैसे ही संडास का काम करना होगा। शाह ने बताया कि संडास की टांकी बनाते समय फाऊंडेशन में रबर की सोलिंग करनी पड़ती है परंतु काट्रेक्टर और कदम ने इसे करने से मना कर दिया। फाउंडेशन के सोलिंग के उपर आर-सी-सी राप्ट करना जरुरी था खाड़ी क्षेत्र होने के कारण, पर इन दोनों से उसे भी करने से मना कर दिया। शाह का आरोप है कि इस संडास को बनाने के लिए लगभग २० लाख का टेंडर महाडा ने कामना कंस्ट्रक्शन के नाम पास किया परंतु भारी भ्रष्टाचार कर लगभग टेंडर के ५० प्रतिशतका उपयोग ही इस संडास को बनाने में किया गया है।

इन सारी चीजों से दुखी हो कर सूपरवाइजर शाह ने जब विरोध में आवाज उठाई तो कामना कंस्ट्रक्शन के मालिक हरीश चेटवानी ने उन्हें काम से न केवल बेदखल कर दिया बल्कि उन्हें उनका मेहनाताना तक देने से मना कर दिया। यह भ्रष्टाचार नौ संडास जहां बने हैं वहां किया गया। वहीं जहां १० सीट का दूसरा संडास बनाया गया है वहां तो कांट्रेक्टर और महाडा के इंजीनियरों ने भ्रष्टाचार की सारी सीमा हीं लांघ दी है। यहां तो न नया टांकी बनाया गया ना ही दिवार। इतना नहीं बाथरुम को तोड़ कर वहां भी संडास के पाट बैठा दिए गए। यहां काम के नाम पर सिर्फ खीड़की की जगह लगाए जाने वाले आर सी सी जाली और जहां दिवार का प्लास्टर उखड़ा हुआ था वहां सिर्फ प्लास्टर पैच मार कर रंग रोगन कर दिया गया। संडास पर लगाए गए सीमेंट के पतरें के नीचे पाइप की कैची (ट्रसिस) भी पूराने वाले ही उपयोग में लाए गए हैं। इस भारी भ्रष्टाचार को देखते हुए शाह ने महाडा से आर.टी.आई के माध्यम से संडास के कामों की जानकारी मांगी है। साथ हीं महाडा के सी ई ओ, विजिलेंस विभाग आदी से भगत सिंह नगर नंबर दो के चर्चगली में बने दो संडासों में हुए भारी भ्रष्टाचार की जांच की मांग भी की है। आज उनकी इस मांग को लगभग एक साल होने को आया है परंतु आज तक महाडा ने न तो उन्हें उनके आरटीआई का जवाब ही दिया है न ही कोई जांच की है। शाह के इस पहल की भगतसिंह नगर नंबर दो के रहिवासियों द्वारा भूरी भूरी प्रशंसा की जा रही है और जैसे जैसे लगा भ्रष्टाचार से अवगत हो रहे हं वैसे वैसे लोगों के मुंह से बरबस यह निकल रहा है देखो मुख्यमंत्री ‘महाडा कैसे करती है गरीबों के संडास में भ्रष्टाचार’।

RELATED ARTICLES

Most Popular

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com