मुंबई (संवाददाता)। फेरीवालों के खिलाफ मनसे (महाराष्ट्र नव निर्माण सेना ) विगत कुछ दिनों से हिंसक कार्रवाई कर रही थी। मनसे कार्यकर्ता एक सोची समझी रणनीति के तहत फेरीवालों के साथ मारपीट कर उन्हें भगाने पर अमादा नजर आए। मनसे के इस क्रिया की प्रतिक्रिया, यह हुई कि शनिवार की शाम को जब मनसे के लोग मालाड स्टेशन के पास जब बैठे फेरीवालों को वहां से भगाने पहुँचे तब उन्हें प्रतिरोध का सामना करना प़डा। कुछ फेरीवालों ने मनसे के विभाग अध्यक्ष सुशांत मालव़दे सहित उनके साथ के ३ से ४ लोगों को जम कर पीटाई कर दी। इस घटना में सिर में चोट लगने के कारण मालवदे को पहले मालाड और फिर चारकोप के ऑस्कर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। मनसे अध्यक्ष राजठाकरे रविवार मालवदे का हाल जानने के लिए ऑस्कर हॉस्पिटल पहुंचे। वहीं मनसे वालों के गुंडागर्दी का जवाब देने वाले हिंदी भाषी फेरी वालों को दंगाई बताते हुए मालाड पुलिस ने उन पर दंगा करने का मामला दर्ज किया है। इतना हीं नहीं तो शनिवार को हुए दंगे के लिए मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरुपम को जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस ने उनके खिलाफ भी दंगा भ़डकाने का मामला दर्ज किया है।
बता दें कि फेरीवालों के खिलाफ मनसे द्वारा जगह-जगह चलाए जा रहे हिंसक अभियान के विरोध ने अब नया मो़ड ले लिया है। मनसे कार्यकर्ताओं से पीटे जा रहे पेâरीवाले अब एक जुट हो रहे हैं। मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरुपम ने फेरीवालों के इस दु:ख की घ़डी में उनका साथ दिया। कांदिवली पूर्व में फेरीवालों की रैली को संबोधित कर उन्हें एकजुट होने का अव्हान किया। इसी प्रकार शनिवार को निरुपम मालाड पहुंचे थे। वहां की फेरीवालों को संबोधित कर मनसे के गुंडों से न डरने की बात कही। निरुपम के वहां से जाने के बाद मनसे के मालाड विभाग अध्यक्ष सुशांत मालवदे अपने लगभग एक दर्जन कार्यकर्ताओं के साथ मालाड स्टेशन के पास आ धमका और फेरीवालों से गुंडई करने लगा। निरुपम के भाषण सुन कर आत्मविश्वास से लबरेज फेरीवालों ने मनसे के कार्यकर्ताओं पर धावा बोल दिया। इस पूरे प्रकरण में मालाड पुलिस ने लगभग ७ फेरीवालों को दंगा करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। मनसे के कार्यकर्ताओं पर भी दंगा करने का मामला पुलिस ने दर्ज किया है। संजय निरुपम के खिलाफ दंगा भ़डकाने का मामला दर्ज होने के बाद रविवार को उनके घर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई गई। बैठक में आगे की रणनीति तय किए जाने की बात सूत्रों ने कही। वहीं निरुपम ने मालाड की घटना के बाद कहा कि वैसे तो वह हिंसा के खिलाफ है पर मनसे के उत्पात का एक प्रतिक्रिया भर था।


