कानपुर देहात (सं. भा.): वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा नियमावली बनाकर उन्हें पूर्णकालिक का दर्जा देकर सवित्त शिक्षकों की तरह वेतन का लाभ मिलना चाहिए। यह बात रविवार को अकबरपुर व पुखरायां केंद्रों पर मूल्यांकन बहिष्कार कर रहे वित्तविहीन शिक्षकों के धरने में शिक्षक विधायक ने कही।
रविवार को मूल्यांकन के नौवें दिन सुबह से ही अकबरपुर व पुखरायां केंद्र पर वित्तविहीन शिक्षकों का बहिष्कार जारी रहा। दोपहर में अकबरपुर केंद्र के बाहर वित्तविहीन शिक्षकों के धरने में पहुंचे शिक्षक विधायक राजबहादुर चंदेल ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों को सवित्त शिक्षकों की तरह लाभ दिलाए जाने को लेकर सरकार से वार्ता हुई है। जिसके शीघ्र ही परिणाम सामने आएंगे। वित्तविहीन शिक्षकों द्वारा मानदेय मांग को लेकर किए जा रहे संघर्ष में उनका पूरा समर्थन है। इसी तरह पुखरायां केंद्र में पहुंचकर धरना दे रहे शिक्षकों को संबोधित कर उनकी समस्याएं सुनकर उनका निराकरण कराए जाने का आश्वासन दिया। वित्तविहीन शिक्षक पूरे दिन नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठे रहे और मूल्यांकन बहिष्कार किया। पुखरायां केंद्र में फर्जी परीक्षक द्वारा मूल्यांकन कराए जाने का आरोप लगाकर वित्तविहीन शिक्षकों ने कुछ देर के लिए हंगामा किया। धरने में वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष डा. राम मिश्रा, महासचिव वीरभान ¨सह, जिलाध्यक्ष केशव सिंह, जिलाध्यक्ष नीलम कटियार, सीएल वर्मा, अजय गुप्ता, सुशील यादव, राखी कटियार, रूबीना कुरैशी, ध्रुवकांत द्विवेदी, संतोष द्विवेदी, अमित शुक्ला, माधुरी द्विवेदी, सुनील पांडेय, सूर्यकांत मिश्रा, हरेकृष्ण पांडेय आदि मौजूद रहे।


