फतेहपुर (सं. भा.) : शहर को साफ-सुथरा बनाने की पहल तो अनेक बार शुरू हुई लेकिन इसे मूर्ति रूप कभी नहीं दिया गया। पहली बार शहर को साफ-सुथरा बनाने को प्रशासन ने सार्थक प्रयास शुरु किए तो आम जनमानस ने भी शहर संवारने के लिए प्रशासन का साथ पकड़ लिया। सड़कें चौड़ी हो और नाला-नालियों से जल निकासी निर्बाध रूप से हो इसके लिए भले ही प्रशासन की जेसीबी गरज रही है, प्रशासन की निष्पक्षता का नतीजा यह है कि अतिक्रमण के दायरे में आने वाले लोग स्वयं अपना निर्माण गिरा दे रहे हैं।
रविवार को एसडीएम प्रेम प्रकाश तिवारी की देखरेख में नगर पालिका एवं राजस्व टीम ने सीमांकन का काम शुरू किया। पत्थरकटा चौराहा, पटेल नगर, शादीपुर ऐसे इलाके रहे जहां प्रशासन के चिन्हींकरण के बाद भवन स्वामियों ने खुद ही अपना निर्माण गिराना शुरू कर दिया। दशकों से बने घर व दुकानें जब टूटती है तो तकलीफ होना लाजिमी है, लेकिन इसके पीछे खुशी इस बात की है कि अपना शहर की प्रमुख सड़कें चौड़ी होगी और घर दिन जाम से रेंगने वाला शहर जाम की समस्या से छुटकारा पा सकेगा। प्रशासनिक अफसरों की माने तो जिला अस्पताल से रेलवे क्रा¨सग तक सड़क की नाप पूरी की जा चुकी है, इस नाम में 260 लोगों का अवैध निर्माण पाया गया है, निर्माण जहां से अवैध हैं वहां लाल पेंट से निशानदेही भी कर दी गयी है। अगर भवन स्वामी अतिक्रमण का हिस्सा नहीं भी गिराते हैं तो प्रशासन इसे गिराएगा।


