
मुंबई (संवाददाता)। मुंबई में २६/११ हमले के बाद पिछले नौ वर्षो में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई तंत्र की बुनियाद रखी है और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को ब़ढाया है। मुंबई के पुलिस आयुक्त दत्ता पडसलगीकर ने कहा कि पिछले वर्षों के दौरान अपने कार्रवाई तंत्र को बेहतर बनाकर पुलिस बल शहर की हिफाजत करने में सक्षम हुआ है।
२६ नवंबर २००८ को पाकिस्तानी आंतकवादी समुद्री मार्ग से पहुंचे और अंधाधुंध गोलियां चलाकर १८ सुरक्षाकर्मियों सहित १६६ लोगों की हत्या कर दी और कई अन्य को घायल कर दिया।
हमले में करो़डों रुपए की संपत्ति का नुकसान भी हुआ था। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि देश की वित्तीय राजधानी पर भीषण हमले के बाद महाराष्ट्र सरकार ने तकनीकी, प्रशिक्षण, उपकरण, हथियार और सभी एजेंसियों के बीच तालमेल जैसे क्षेत्रों में पुलिस बल को उन्नत करने के लिए कई उपाए किए।
उन्होंने बताया कि तटीय सुरक्षा को चाक – चौबंद करने के लिए सरकार ने मछुआरों को रेडियों फ्रीक्वेंसी पहचान कार्ड और स्मार्ट कार्ड प्रदान किए। अधिकारी ने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने समूचे पश्चिमी तट पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि को पक़डने केलिए करीब आठ रडार लगाए। तटीय इलाके की सुरक्षा करना सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में एक है।


