नालासोपारा (सं.भा.): वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र में ट्रैफिक जाम और कथित अवैध फेरीवालों की बढ़ती संख्या को लेकर सर्वदलीय मोर्चा निकालकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। शहर के विभिन्न इलाकों से नागरिक, सामाजिक संगठन, व्यापारी प्रतिनिधि और अलग-अलग राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता एकजुट होकर सड़कों पर उतरे और मनपा मुख्यालय पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वसई-विरार के प्रमुख रेलवे स्टेशन परिसरों और मुख्य सड़कों पर फेरीवालों के अतिक्रमण से यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। फुटपाथों पर ठेले लगने से पैदल यात्रियों को सड़क पर चलना पड़ता है, जबकि दूसरी ओर ऑटो-रिक्शा और अन्य वाहन खड़े रहने से मार्ग संकरा हो जाता है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में हालात बेहद गंभीर हो जाते हैं और लंबा जाम लग जाता है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई मौकों पर एंबुलेंस तक को रास्ता नहीं मिल पाता, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। मोर्चे में शामिल लोगों ने उच्च न्यायालय के उस निर्देश का हवाला दिया, जिसमें रेलवे स्टेशन के 150 मीटर दायरे में बिना अनुमति फेरी लगाने पर रोक की बात कही गई है। उनका आरोप है कि इस नियम का पालन नहीं हो रहा और राजनीतिक दबाव के कारण मनपा प्रशासन प्रभावी कार्रवाई से बच रहा है। प्रदर्शन के दौरान दीपक कोटेकर नामक एक नागरिक ने वीडियो दिखाकर आरोप लगाया कि कुछ फेरीवाले ग्राहकों को कम तौल का सामान दे रहे हैं। दावा किया गया कि एक किलो के बदले लगभग 750 ग्राम सामान देकर पूरा दाम वसूला जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने इसे आम जनता के साथ सीधी आर्थिक धोखाधड़ी बताया और जांच की मांग की। इस मामले में मनपा के सहायक आयुक्त नीलेश म्हात्रे ने कहा कि शिकायतों की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यातायात व्यवस्था सुधारने और अतिक्रमण हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि शहर की सुचारू यातायात व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए अवैध अतिक्रमण पर सख्ती जरूरी है।
ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण से त्रस्त नागरिकों का मनपा मुख्यालय पर प्रदर्शन
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