मुंबई (सं. भा.): महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से विलेपार्ले पूर्व स्थित सहारा होटल में “बूस्ट इंडिया कॉन्क्लेव – एकता समिट अध्याय 3” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश की सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत और विकास मॉडल को लेकर विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों ने अपने विचार साझा किए। समिट का माहौल उत्साह और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम का उद्घाटन विधायक एवं मुंबई बैंक अध्यक्ष प्रवीण दरेकर ने किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के बीच आपसी समन्वय देश की प्रगति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। “महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को एक साथ लाते हुए” थीम पर आधारित इस समिट में विकसित भारत 2036 के विजन को लेकर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, अनिल गलगली, रश्मि उपाध्याय, डॉ. गौरीशंकर चौबे और बलवंत वर्मा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इस दौरान डॉ. गौरीशंकर चौबे द्वारा लिखित पुस्तक “उत्तर प्रदेश-महाराष्ट्र : संबंधों का सेतु” का विमोचन भी किया गया। वहीं संदीप गुप्ता ने उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के संयुक्त विकास मॉडल पर अपने विचार रखे। डॉ. हुजैफा खोराकीवाला ने “वसुधैव कुटुंबकम” विषय पर संबोधन देते हुए भारत के विश्व शांति संदेश और सांस्कृतिक परंपराओं को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। कथक और महाराष्ट्र की पारंपरिक लावणी नृत्य शैली की जुगलबंदी ने दर्शकों का मन मोह लिया। मंच पर प्रस्तुत कथक-लावणी प्रोजेक्ट ने “विविधता में एकता” की खूबसूरत झलक पेश की। इस अवसर पर पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी, विधायक संजय उपाध्याय, सपा विधायक अबू आसिम आजमी, आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े सहित कई उद्योगपति, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक हस्तियां उपस्थित रहीं
महाराष्ट्र और यूपी के विकास मॉडल को जोड़ने की पहल बना “एकता समिट”
RELATED ARTICLES


