भायंदर, (सं. भा.) महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मीरा-भायंदर मनपा की महिला एवं बाल कल्याण समिति के तहत चलाया जाने वाला कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम लंबे समय से बंद है। अगस्त 2022 में बंद हुई इस योजना को नई मनपा बॉडी के गठन के करीब 10 महीने बाद भी शुरू नहीं किया जा सका है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर और रोजगार की तलाश कर रही महिलाओं में निराशा बढ़ रही है।
इस योजना के तहत महिलाओं को ब्यूटी पार्लर, मेहंदी, फैशन डिजाइनिंग, कंप्यूटर, सिलाई-बुनाई और वाहन चलाने सहित करीब डेढ़ दर्जन रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जाते थे। प्रशिक्षण के साथ जरूरतमंद महिलाओं को आटा-मसाला चक्की और ऑटोरिक्शा जैसी स्वरोजगार से जुड़ी सहायता भी उपलब्ध कराई जाती थी। योजना बंद होने से प्रशिक्षण के जरिए रोजगार या अपना काम शुरू करने की कोशिश कर रही महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महिला एवं बाल कल्याण समिति की सभापति स्नेहा पांडे के अनुसार पहले प्रशिक्षण का काम निजी एजेंसियों को दिया जाता था। आरोप है कि कुछ एजेंसियों ने वास्तविक प्रशिक्षण लेने वालों की संख्या कम होने के बावजूद पूरा भुगतान प्राप्त किया। इसी तरह की अनियमितताओं को देखते हुए अब मनपा के स्तर पर प्रशिक्षकों की व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि इसके लिए मनपा कानून में प्रावधान नहीं होने के कारण प्रक्रिया अटक गई है।
महापौर डिंपल मेहता ने कहा कि प्रशिक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए नियमों को दुरुस्त किया जा रहा है। मनपा के माध्यम से प्रशिक्षक उपलब्ध कराने की कानूनी व्यवस्था तैयार करने पर काम चल रहा है और जल्द प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की बात कही गई है। वहीं विपक्ष की नेता आफरीन सैयद ने कहा कि प्रशिक्षण का माध्यम चाहे जो हो, महिलाओं के लिए यह योजना तत्काल शुरू होनी चाहिए। महंगाई के दौर में रोजगारपरक प्रशिक्षण से महिलाएं परिवार की आय बढ़ाने के साथ आत्मनिर्भर भी बन सकती हैं।


