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मानसून की बेरुखी से बीएमसी हुई चिंतित

  • मुंबईकरों को पानी का हो सकता है संकट

मुंबई (सं. भा.) बारिश की बेरूखी के कारण मुंबई को जलापूर्ति करने वाली 7 झीलों का जल भंडारण घटता जा रहा है। भले ही बीएमसी ने मुंबई में 10% पानी की कटौती का फैसला रद्द कर दिया है, लेकिन मुंबई में पानी की समस्या का मसला अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। बीएमसी प्रशासन ने जलाशयों में उपलब्ध जल भंडारण का हवाला देते हुए मुंबईकरों से पानी बचाकर इस्तेमाल करने की अपील की है। जुलाई की तुलना में अगस्त में बारिश कम हो रही है। झील भंडारण क्षेत्रों में भी बारिश का जोर कम है। इसलिए सभी 7 बांधों में जल भंडारण 83.51% पर स्थिर हो गया है। जल भंडारण में अभी भी 15 से 17 फीसदी की कमी है। बांध क्षेत्र में पिछले साल की तुलना में कम बारिश दर्ज की गई है और पानी का भंडारण भी पिछले साल की तुलना में कम है।

डेढ़ लाख मिलियन लीटर पानी की जरूरत

सातों बांधों में 12 लाख हजार 624 मिलियन लीटर यानी 83.51% पानी जमा हुआ है।
अगस्त, 2022 में सातों झीलों का जल भंडारण 13 लाख 88 हजार 574 मिलियन लीटर यानी 95.94 फीसदी था। वर्ष 2021 में 12 लाख 18 हजार 880 मिलियन लीटर यानी 84.21% था। अपर वैतरणा झील में 71.09% पानी है। मुंबई शहर को हर दिन 1850 मिलियन लीटर पानी सप्लाई करने वाली भातसा झील अभी तक पूरी तरह नहीं भर पाई है. वर्ष 2022 में अगस्त के पहले सप्ताह में भातसा झील में 90% से अधिक जल भंडारण था, लेकिन इस बार इस झील का जल भंडारण 78.16 फीसदी है।

मुंबई में अभी तक महज 73.76% ही बारिश

मुंबई में अब तक वार्षिक औसत की 73.76 फीसदी बारिश हो चुकी है। पिछले साल इसी समय 70 फीसदी बारिश हुई थी। मुंबई में हर साल 2,500 मिमी बारिश होती है। मौसम विभाग के कोलाबा स्टेशन पर जून से अब तक 1,792 मिमी बारिश दर्ज की गई है, वहीं सांताक्रुज स्टेशन पर 2,354 मिमी बारिश दर्ज की गई है। बीएमसी के अनुसार विहार झील 100% और तुलसी झील 99% भर चुकी है, लेकिन मुंबई की जलापूर्ति को देखते हुए विहार और तुलसी झील का जल भंडारण बहुत कम है। हर साल 1 अक्टूबर जलापूर्ति योजना के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जाता है। जल अभियंता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यदि इस दिन सभी झीलों में जल भंडारण शत-प्रतिशत रहे तो वर्ष भर सुचारू जलापूर्ति संभव है।

तकनीकी कारणों से खोले गए वैतरणा के गेट

कुछ तकनीकी कारणों और रख-रखाव की आवश्यकताओं के कारण बांधों के पूरी तरह न भरने पर भी उनके गेट कुछ हद तक खोलने पड़ते हैं। इस साल बारिश के मौसम में ‘हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे जलाशय’ यानी ‘मध्य वैतरणा’ झील के 2 गेट इसी हफ्ते खोले गए हैं।
इससे छोड़ा गया पानी मोडक सागर झील में जमा हो जाता है। बीएमसी प्रशासन ने साफ किया है कि पानी तकनीकी कारणों से छोड़ा गया है, मध्य वैतरणा बांध भरने की वजह से नहीं।

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