मुंबई (सं. भा.) : बीमारी फैलानेवाले मच्छरों की उत्पत्ति से पहले ही उन्हें यमलोक पहुंचाने का काम मनपा कर रही है। इसके तहत मच्छरों के ब्रिडिंग स्पॉट को ही खत्म करने का बीड़ा उठाते हुए मनपा प्रशासन की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत शहर में जिन क्षेत्रों में बारिश का पानी जमा हो रहा है, उनकी खोज कर मच्छरों के लार्वा को नष्ट किया जा रहा है। मनपा की टीमों ने बीते दो सप्ताह में व्यापक तरीके से डोर टू-डोर अभियान चलाकर मलेरिया के १.५७८ और डेंगू लाव से प्रभावित १०.६५९ स्थानों की खोज की है। दूसरी तरफ जनवरी से जून तक ७,६९३ निवासी और वाणिज्यिक परिसरों को नोटिस जारी किए गए।
इतना ही नहीं मच्छरों के ब्रिडिंग स्पॉट को रोकने में विफल रहनेवालों के खिलाफ कोर्ट में २६२ मामले दायर किए गए हैं। इस कानूनी कार्रवाई के परिणामस्वरूप ६.४१ लाख जुर्माना भी लगाया गया है।

उल्लेखनीय है कि मनपा का कीटनाशक विभाग निवारक उपाय के तौर पर हर साल मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान कर उन्हें नष्ट करता है। हालांकि, मुंबई शहर के कुछ क्षेत्र बहुत ही संकरे हैं, जहां निवारक उपाय करने में अड़चन पैदा होती है। इनमें वर्ली, लोअर परेल और महालक्ष्मी जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। ऐसे में मनपा इन क्षेत्रों में कीटाणु नाशक छिड़काव के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करती है। मुंबई में जुलाई में पर्याप्त बारिश हुई, लेकिन अगस्त में बरसात सुस्त पड़ गई है। एक सप्ताह से अधिक समय तक पानी जमा रहने पर मच्छर पनपने लगते हैं। इसलिए मनपा के कीटनाशक विभाग ने शहर भर में घर-घर निरीक्षण की पहल शुरू की है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, १ से १३ अगस्त तक उन्होंने मलेरिया बीमारी के लिए जिम्मेदार एनोफिलिस मच्छरों के लिए १३.२२० घरों और ३५,४३५ ब्रिडिंग स्पॉट की जांच की। इसी तरह डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छरों के मामले में इसी अवधि के दौरान ७.४१.५१९ घरों और ७, ९१.७५० कंटेनरों का निरीक्षण किया गया।
१,२१३ स्वयंसेवकों की भी ली जा रही मदद
मलेरिया और डेंगू के लार्वा से दूषित ब्रिडिंग स्पॉट पर कीटाणुनाशक फव्वारे का छिड़काव किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कीटनाशक विभाग के कर्मचारी अन्य संभावित ब्रिडिंग स्पॉट जैसे कंटेनर, टायर, विविध वस्तुओं और नारियल के गोले की खोज कर उन्हें तुरंत नष्ट कर रहे हैं। मनपा मच्छरों के ब्रिडिंग स्पॉट को खत्म करने के लिए १.२१३ स्वयंसेवकों की भी मदद ले रही है।


