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देश को बचाना है तो सोशल डिस्टेंसिंग को जीवन में अपनाना है

यह बात किसी से नहीं छुपी की पूरे विश्व में कोरोना ने अपने पाँव पसार दिए है, और अब भारत भी इससे अछूता नहीं है| यह एक ऐसा संक्रमण है जो एक दूसरे के साथ मिलने जुलने से फैलता है| मगर अब भी कई ऐसे लोग है जो इस बात को समझने में चूक कर रहे है कि अगर इसकी चैन को नहीं तोडा गया तो पूरा भारत तीसरे स्टेज पर आ जायेगा| जिससे यह महामारी एक आतंक की तरह बन जाएगी और तब इसका इलाज़ कर पाना असंभव हो जायेगा|

अगर विश्व के आंकड़ों की बात करें तो पूरी दुनिया में से कुल अब तक 1,621,348 लोग संक्रमित हुए है जिसमें से कुल 8447 मामले भारत के है| जिन लोगों को अभी भी इस बात की गंभीरता समझ नहीं आ रही है उनके लिए जानना जरूरी है कि सोशल डिस्टेंसिंग यानी आपसी दूरी बनाये रखना ही इस समस्यां से निजात दिलाने में मदद कर सकता है| हलाकि भारत में अब तक 764  लोग ठीक भी हो गए है|

सोशल डिस्टेंसिंग का साधारण सा मतलब है आपको इसका पालन करते हुए किसी से हाथ नहीं मिलाना, किसी के साथ भीड़ में नहीं घूमना  और अगर आपको लगता है कि आपके अस-पास कोई बीमार है या फिर उसे खांसी, जुकाम, या बुखार जैसी परेशानी है तो उसे तुरंत डॉक्टर से मिलने की सलाह दें| मात्र इस साधारण से तरीके से कई लोगो को एकसाथ इस परेशानी से बचाया जा सकता है| इससे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण नहीं फैलता है| सोशल डिस्टेंसिंग में आप खुद को सबसे अलग कर लेते है|

हम सभी को मिलकर इस बात को समझना पड़ेगा कि वापस पहले जैसी ज़िंदगी में लौटना है तो हमें सामाजिक और आपसी दूसरी बनानी पड़ेगी | इससे जल्दी से जल्दी हम इस महामारी से निपट सकें और अपने रोज़मर्रा की ज़िंदगी में वापसी कर सकें|

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