जनता कल्याणकारी सेवा सोसायटी बनी जनता अहितकारी सेवा सोसायटी

0
1281

मुंबई (संवाददाता)। कहते हैं सपने देखे जाते हैं। पर जब से मुंबई में झोप़डपट्टी पुनर्वास योजना (एस आर ए) शुरु हुआ है तब से इस शहर में बिल्डिंग में अपना एक अदद घर पाने का सपना बिल्डर और सोसायटी के पदाधिकारियों की मिली भगत से लगभग सैक़डों लोगों के टूट चुके हैं।

इन दिनों कांदिवली, गणेश नगर के के. डी. कंपाउंड में भी कुछ यही हाल हैं। एक तरफ जनता कल्याणकारी सेवा सोसायटी के पदाधिकारी बैनर लगा कर रहिवासियों को असवस्त कर रहे है कि उनकी सोसायटी का कोई सर्वे नहीं हुआ है। जबकि सच्चाई यह है कि बिल्डर ने उस जगह पर बिल्डिंग बनाने के लिए उक्त सोसायटी का एलओआई तक ले आया है। ऐसे में जनता कल्याणकारी सेवा सोसायटी क्या जनता अहितकारी सेवा सोसायटी बन गई है। ऐसा सवाल इन दिनों इस पूरे क्षेत्र की जनता एक दूसरे से कर रही है।

बता दें कि के. डी कंपाउंड, उसके बगल में स्थित इस्लाम कंपाउंड में एसआरए प्रोजेक्ट के तहत बिल्डर एवं सोसायटी के पदाधिकारी तथा झोप़डा धारक इन दिनों आमने सामने हैं। सोसायटी के जिन पदाधिकारियों को कल तक झोप़डा धारक अपना रहनुमा समझते आ रहे थे। अब उन सब के चेहरे बेनकाब हो चुके हैं। लोगों के सामने पदाधिकारियों एवं बिल्डरों की मिली भगत का खुलासा होने के बाद से लोगों में आक्रोश के साथ खलबली मची है।

सोसायटी द्वारा बैनर लगा कर कहा गया है कि झोप़डों का कोई सर्वे नहीं हो रहा है। अगर ऐसा हैं तो बिना सर्वे के ही बिल्डर इस क्षेत्र का एलओआई लाने में कैसे सफल रहा। इसका जवाब सोसायटी के पदाधिकारियों के पास नहीं है।
hh