मुंबई (सं. भा.)। चैत्र पूर्णिमा पर मुंबई के सभी मारुति मंदिरों में हनुमान जयंती का आयोजन श्रद्धा के साथ fकया गया। हनुमान मंदिरों में हनुमान जी की कृपा पाने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। मुंबई समेत सभी उपनगरों में स्थित मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठित हनुमान मूर्तियों की पूजा करने, तेल सिंदूर का लेपन तथा चमेली के तेल से अभिषेक करने के लिए महिलाओं और पुरूषों की कतार लगी रही। इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा पर चित्रा नक्षत्र के साथ गजकेसरी योग होने से अनूठा संयोग बना।
चिंचोली का प्राचीन हनुमान मंदिर
सेकसरिया परिवार द्वारा मालाड पfश्चम के चिंचोली फाटक, एस.वी.रोड पर निश्चित सैकड़ों वर्ष प्राचीन हनुमान मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। प्रबंधन चन्द्रेश भट्ट एवं अनिरूद्ध सिंह के मार्गदर्शन में भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था की गयी। यहां एक दिन पूर्व ही अखंड रामचरितमानस पाठ शुरू किया गया था चैत्र पूर्णिमा पर संपूर्ण हुआ। सुबह पांच बजे से शुरू हुआ दर्शन यहां देर रात तक चलता रहा।
इच्छापूर्ति & हनुमान मंदिर में जयंती
मालाड पश्चिम के लिंक रोड स्थित श्री इच्छापूर्ति हनुमान मंदिर में चैत्र पूर्णिमा पर हनुमान जयंती का आयोजन fकया गया। मंदिर का पट सुबह 6 बजे से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया था। दोपहर 2 से 3 बजे तक मंदिर बंद रहने के बाद वापस देर रात तक खुला रहा। ट्रस्ट के अध्यक्ष राजाराम चांदगोठिया के नेतृत्व में भक्तों की भीड़ के लिए विशेष व्यवस्था की गयी।
कांदिवली के हनुमान मंदिरो में `जय बजरंग बली’
कांदिवली (प.) के विभिन्न परिसरों में स्थित हनुमान मंदिरो में हनुमान जयंती पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। लोग सुबह से ही हनुमान जी की कृपा पाने के लिए उनका तेल सिंदूर से अभिषेक करने मे लगे थे पुजारियों ने भी प्रसाद देकर उनके मनोकामना की प्रार्थना की। यहां के एम जी रोड स्थित प्रसिद्ध काला हनुमान मंदिर, गणेश नगर के पंचमुखी हनुमान मंदिर, मिथिला हनुमान मंदिर, केसरिया हनुमान मंदिर में लोग दर्शन पुजन के लिए देर रात तक जुटते रहे। इसी तरह से मालाड (प.) के गोविंदा होटल के सामने स्थित काला हनुमान मंदिर, स्टेशन के पास स्थित सोन्या हनुमान मंदिर, लिंक रोड स्थित इच्छापूर्ति हनुमान मंदिर, म्हाडा कालोनी स्थित हनुमान मंदिर मे भी भक्तों की कतार लगी रही। मालाड के काला हनुमान मंदिर के ट्रस्टी प्रभुनाथ यादव एवं दीनानाथ यादव के मार्गदर्शन में श्रद्दालुओं के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध करायी गयी थी।


