विनय दूबे
मीरा-भाईंदर (सं.भा.) : आषाढ़ी एकादशी (देवशयनी एकादशी) के पावन अवसर पर पूरा मीरा-भाईंदर शहर ‘जय जय रामकृष्ण हरि’ और ‘विठ्ठल-विठ्ठल’ के जयघोष से गूंज उठा। नवघर तालाब परिसर में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक द्वारा स्थापित 51 फीट ऊंचे भगवान श्री पांडुरंग के विशाल विग्रह के समक्ष हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन कर भक्ति का अनुपम दृश्य प्रस्तुत किया। सुबह से देर रात तक चले धार्मिक आयोजनों में शहरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
आषाढ़ी एकादशी की सुबह महापौर डिंपल मेहता, मनपा आयुक्त राधाबिनोद शर्मा, विधायक नरेंद्र मेहता, अतिरिक्त आयुक्त संभाजी पानपट्टे, प्रभारी शहर अभियंता दीपक खांबित सहित मनपा के वरिष्ठ अधिकारियों ने भगवान विठ्ठल की विधिवत पूजा-अर्चना कर राज्य, देश और शहर की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। वहीं शहर के विभिन्न विठ्ठल और अन्य मंदिरों में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
शाम को आयोजित भव्य महाआरती समारोह पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के संकल्प से आयोजित इस महाआरती में वाराणसी की गंगा आरती की तर्ज पर विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्वलन के साथ भगवान विठ्ठल की आरती की। दीपों की रोशनी से सजा 51 फीट ऊंचा श्री पांडुरंग का विग्रह श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आकर्षण का केंद्र बना रहा। इस दौरान स्थानीय भजनी मंडलों द्वारा अभंग, कीर्तन और वारकरी परंपरा की प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
आयोजन में बड़ी संख्या में वारकरी संप्रदाय के अनुयायी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा शहर के नागरिक शामिल हुए। जिन श्रद्धालुओं के लिए पंढरपुर जाकर भगवान विठ्ठल के दर्शन करना संभव नहीं था, उनके लिए यह आयोजन विशेष आध्यात्मिक अनुभव लेकर आया।
: “आज मीरा-भाईंदर ही पंढरपुर बन गया”
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा, “माऊली की कृपा और श्रद्धालुओं की अटूट भक्ति के कारण आज पूरा मीरा-भाईंदर ही श्रीक्षेत्र पंढरपुर का स्वरूप धारण कर चुका है। शिवसेना द्वारा आयोजित यह महाआरती हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। विठ्ठल नाम के जयघोष से गूंजता यह वातावरण हर श्रद्धालु के लिए अविस्मरणीय रहेगा।”
: “हर वर्ष जारी रहेगी महाआरती की परंपरा”
विधायक नरेंद्र मेहता ने आषाढ़ी एकादशी की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “हर भक्त की इच्छा होती है कि वह पंढरपुर जाकर भगवान विठ्ठल के दर्शन करे। हमारा सौभाग्य है कि आज मीरा-भाईंदर में ही इस दिव्य विग्रह के समक्ष महाआरती करने का अवसर मिला। हमारा प्रयास रहेगा कि यह भव्य महाआरती हर वर्ष इसी श्रद्धा और भव्यता के साथ आयोजित होती रहे।”


