प्रमोद कुमार डोंबिवली (सं.भा)प्रसिद्ध शास्त्रीय एवं नाट्य संगीत गायक राहुल देशपांडे की सुरीली आवाज और भावपूर्ण गायकी ने डोंबिवली के संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। डोंबिवली पूर्व स्थित डीएनसी स्कूल के मैदान में आयोजित उनके संगीत कार्यक्रम के साथ शारदीय नवरात्रि उत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शानदार आगाज हुआ। इस अवसर पर कल्याण लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। राहुल देशपांडे की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साह बढ़ाया और संगीत से सजी शाम का भरपूर आनंद लिया।
डॉ. श्रीकांत शिंदे फाउंडेशन और श्री नवदुर्गा युवा मंडल की ओर से 11 से 19 अक्टूबर तक आयोजित इस नवरात्रि महोत्सव में धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी विशेष महत्व दिया गया है। उत्सव के अंतर्गत बलिराजा की सुख-समृद्धि और महाराष्ट्र में कृषि की खुशहाली की कामना के साथ नवकुंडात्मक सहस्रचंडी महायज्ञ सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। इसके बाद शाम को राहुल देशपांडे के संगीत कार्यक्रम ने महोत्सव के सांस्कृतिक आयोजन को यादगार शुरुआत दी।
शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा और नाट्य संगीत में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले राहुल देशपांडे ने अपनी गायकी से श्रोताओं को भाव और सुरों की अनूठी दुनिया का अनुभव कराया। उनकी प्रस्तुति में शास्त्रीय संगीत की गहराई, नाट्य संगीत की भावपूर्ण अभिव्यक्ति और मधुर स्वरों का सुंदर मेल देखने को मिला। मैदान में मौजूद संगीत प्रेमियों ने उनकी प्रस्तुतियों की सराहना की। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण संगीतमय बना रहा और दर्शक गायकी का आनंद लेते दिखाई दिए।
आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष शारदीय नवरात्रि उत्सव का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ सामाजिक सरोकारों को भी आगे बढ़ाना है। महाराष्ट्र को सूखे के संकट से मुक्त करने, कृषि को नई ऊर्जा देने तथा राज्य की सुख-समृद्धि की कामना के साथ सहस्रचंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया है। वहीं, नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम उपलब्ध कराने के लिए संगीत और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की रूपरेखा तैयार की गई है।
भक्ति, संस्कृति और संगीत को एक मंच पर लाने वाली इस पहल को पहले ही दिन नागरिकों का उत्साहपूर्ण प्रतिसाद मिला। राहुल देशपांडे की सुरीली प्रस्तुति ने नवरात्रि महोत्सव की शुरुआत को खास बना दिया। आयोजकों को उम्मीद है कि 19 अक्टूबर तक चलने वाले इस उत्सव के आगामी धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में नागरिक भाग लेंगे।


