- पूर्व कैबिनेटमंत्री व विधायक असलम शेख ने विधानसभा में उठाई आवाज
- किया जांच की मांग
मुंबई (सं. भा.) मुंबई में लगातार भारी बारिश हो रही है। इस तेज बरसात में मालाड पश्चिम के मालवणी स्थित अंबोजवाड़ी के 250 झोपडों को बीएमसी ने तोड़ दिया है और वहां रहने वाले लोगों को बेघर होने और खुले असमान के नीचे रहने को मजबूर कर दिया है। भरी बरसात में हुई इस तोड़क कार्रवाई के कारण लोगों में रोष व्याप्त है। मालाड पश्चिम विधनसभा के विधायक व पूर्व कैबिनेटमंत्री असलम शेख ने विधनसभा के चालू सत्र में इस तोड़क कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं और सरकार से उन अधिकारियों के खिलाफ जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।

बता दें कि बीएमसी और जिलाधिकारी द्वारा बीते दिन मालाड पश्चिम में मालवणी में स्थित अम्बुजवाडी में बने 250 अवैध झोपड़पट्टियों पर बुलडोजर चलाकर वहां रहने वाले परिवारों को बेघर कर दिया। वर्तमान समय में बेघर हुए लोग भारी बारिश में खुले आसमान के नीचे बैठने के लिए मजबूर है। बारिश में भीगने की वजह से 2 बच्चों की तबियत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बेघर हुए लोगों की मानें तो वह पिछले 10-15 वर्षों से अम्बुजवाड़ी में बसे थे। बेघर लोगों को अनुसार प्रशासन ने बिना नोटिस दिए ही उनके घरों पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। बेघर हुए पीड़ित परिवारों का मानना है कि उनके पास किसी दूसरे स्थान पर जाने का विकल्प भी नहीं है।

वहीं विधायक असलम शेख का कहना है कि हाईकोर्ट का आदेश है कि बरसात के दौरान किसी का घर नहीं तोड़ा जाए। महाराष्ट्र सरकार का भी अपना सरकारी आदेश है। इसी बीच अचानक क्या हुआ प्रशासन को भारी बारिश में झोपड़े तोड़ने की नौबत आ गई, जिन अधिकारियों ने झोपड़े तोड़े हैं, लोगों को बेघर किया है, उन्हें जल्द से जल्द निलंबित किए जाने की जरूरत है।

दूसरी ओर अधिकारियों की मानें तो अम्बुजवाड़ी क्लेक्टर लैंड है, जहां अवैध रूप से झोपड़े बनाए गए थे, जिसे लेकर कलेक्टर और बीएमसी प्रशासन ने पुलिस की मदद से संयुक्त कार्यवाही की और 250 झोपड़ों को ध्वस्त कर दिया है। झोपड़े तोड़े जाने के बाद बेघर हुए लोग विधायक असलम शेख से आस लगाए बैठे हैं कि उन्हें पर्यायी व्यवस्था दिलाने में शेख मददगार साबित होंगे। असलम शेख ने विधानसभा में कहा कि बारिश में घर तोड़ने वाले इन अधिकारियों की गहन जांच होनी चाहिए।


