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जिन अवैध घरों की विधायक ने की शिकायत, वहीं पोयसर नदी चौड़ीकरण में हो रहे हैं पात्र, कहां से मिला झोपड़ा संरक्षण पावती?

मुंबई (सं.भा.)।  कांदिवली (प.) लिंक रोड के जनता कॉलोनी में पोयेसर नदी के चौड़ीकरण के नाम पर जमकर धांधली हो रही है। २०११ में इस क्षेत्र में अवैध रुप से बने जिन ५ घरों की शिकायत यहां के स्थानीय भाजपा विधायक योगेश सागर ने की थी। अब पोयेसर नदी के चौड़ीकरण के दौरान उन्हीं ५ घरों को आर दक्षिण विभाग के सहायक आयुक्त और उनके भ्रष्ट अधिकारियों के द्वारा पात्र कर दिया गया है। आश्चर्य की बात यह इन अवैध घरों को झोपड़ा संरक्षण पावती कहां से मिला यह शोध का विषय है। क्षेत्रिय लोगों का कहना है कि अवैध घरों को स्थानीय भाजपा नगरसेवक कमलेश यादव की कृपा से पात्र किया गया है।

गौरतलब है कि १३ से १९ सितंबर के अकं में ’संगठन भारत“ अखबार ने यह खबर छापी थी भू – माफिया वहीदुल हसन खान नामक व्यक्ति जनता कॉलोनी में शौचालय की खाली पड़ी जमीन पर अतिक्रमण कर वहां अवैध निर्माण करना चाहता है। बाद में खान ने उक्त जमीन रामअचल यादव को सेल एग्रीमेंट पर बेंच दिया। यह जमीन दिनशा ट्रस्ट की है। रामअचल यादव ने तब वहां पर ५ अवैध रुम मनपा आर दक्षिण विभाग के बिल्डिंग एंड प्रोपजल विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों की मिली भगत से बनाने में सफल रहा था।

स्थानीय रहिवासियों का कहना है कि जिस जगह पर रामअचल यादव ५ रुम बनाने में सफल रहा था वहां पर भाजपा विधायक योगेश सागर ने शौचालय बनाने के लिए भूमी पूजन तक किया था। अब पोयेसर नदी के चौड़ीकरण में २०११ में रामअचल यादव द्वारा बनाए गए ५ अवैध घरों को मनपा आर दक्षिण विभाग द्वारा कैसे पात्र कर दिया गया है? इस को लेकर अंदर खाने में कितना आर्थिक समझौता हुआ है। इस को लेकर जनता कॉलोनी के लोगों द्वारा अलग- अलग कयास लगाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं जिन शौचालयों को वहां विधायक योगेश सागर के फंड से बनाया जाना था। वहां ५ अवैध रुम बनाए जाने के बाद निजी तौर तीन शौचालयों का निर्माण कर दिया गया। अब उन शौचालयों में से एक शौचालय को कब्जा कर वहां रुम बना कर उसे भी पात्र करवा लिया गया है। सबसे बड़ी बात है कि इन अवैध घरों को झोपड़ा संरक्षण पावती कहां से मिला है इसकी जांच किए जाने पर बहुत बड़े भ्रष्टाचार का विभागीय खुलासा हो सकता है। इसकी वजह यह है कि झोपड़ा संरक्षण पावती २००० तक के झोपड़ों को ही दी जाती है।

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