spot_img
Homeमुंबईइमारतों की ऊंचाई पर प्रतिबंध के नियमों के कारण पुनर्विकास में बाधा...

इमारतों की ऊंचाई पर प्रतिबंध के नियमों के कारण पुनर्विकास में बाधा बनते “हाई-फ़्रीक्वेंसी ट्रांसमिशन टॉवर” का स्थानान्तरण आवश्यक-गोपाल शेट्टी

मुंबई (सं. भा.) उत्तर मुम्बई के पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी ने “हाई-फ़्रीक्वेंसी ट्रांसमिशन टॉवर” अन्यत्र स्थानांतरित करवाकर पुनर्विकास की राह में रोड़ा बनी ‘इमारतों की ऊंचाई सीमा का प्रतिबंध’ हटाने के बारे में अस्पष्टता का जिक्र करते हुए इस विषय में अब विधानसभा में प्रश्न उठाने वाले अंधेरी-पश्चिम के विधायक अमित साटम को पत्र लिखा है। पत्र में जनसेवक शेट्टी ने स्पष्ट किया है कि जब मैं सांसद था, तो मैंने पहली बार 2016 में इस मुद्दे पर श्री अशोक गजपति राजू को एक पत्र भेजा था। इसके बाद, दिनांक 22 फरवरी 2022 को श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र भेजा गया। 4 अप्रैल 2022 को जिसका मुझे जवाब भी मिला। इसके अलावा, 26 जून 2023 को नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव श्री राजीव बंसल को भी मेरे द्वारा एक पत्र भेजा गया। इसके बाद 8 जनवरी 2024 को प्रमुख सचिव, शहरी विकास मंत्रालय, महाराष्ट्र को एक पत्र प्रेषित किया गया। तदुपरांत प्रमुख सचिव (शहरी विकास) असीम कुमार गुप्ता ने डी.टी. 30 सितंबर 2024 को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव को पत्र भेजा गया। इसके अलावा, 18 जून 2024 को उत्तर मुंबई के सांसद पीयूष गोयल एवं 31 जनवरी 2025 को श्री किंजरापु राममोहन नायडू को पत्र भेजकर मुंबई में पुनर्विकास परियोजनाओं में पुरानी इमारतों पर ऊंचाई प्रतिबंध के मुद्दे पर वस्तुस्थिति से अवगत कराया था।
जनसेवक गोपाल शेट्टी ने आगे लिखा है कि एक सांसद के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान मैंने इस मुद्दे पर कई बार संबंधित मंत्रियों से बातचीत की और सचिव स्तर पर भी कई बैठकें आयोजित हुईं। जिसके बाद 2022 के आसपास केंद्र सरकार ने फली नरीमन कमेटी का गठन किया। समिति ने अपनी रिपोर्ट में “हाई-फ़्रीक्वेंसी ट्रांसमिशन टॉवर” को मुंबई से बाहर स्थानांतरित करने की सिफारिश की थी। तब समिति ने यह भी सुझाव दिया था कि बोरीवली और पार्ले-जुहू क्षेत्रों के दोनों किनारों पर ट्रांसमिशन टावरों को अस्थायी रूप से किसी भी सरकारी भवनों की छत ( टेरेस) पर स्थानांतरित कर दिया जाना चाहिए, ताकि इमारतों के पुनर्विकास में कोई समस्या न हो। हालांकि, सरकारी स्तर पर अभी तक इस संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इस स्थानांतरण को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के माध्यम से पिछले 2-3 वर्षों से इस संबंध में बातचीत चल रही है। अभीतक यह निर्णय लिया गया है कि महाराष्ट्र सरकार और मुंबई नगर निगम इस परियोजना के लिए 474 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान करेंगे, लेकिन अंतिम निर्णय में देरी हो रही है।

जबसेवक गोपाल शेट्टी ने आगे लिखा है कि अपने कार्यकाल के अनुभव के आधार पर, मैंने केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रियों को सुझाव दिया था कि फली नरीमन समिति की सिफारिशों के अनुसार दहिसर या पार्ले में एक विशिष्ट स्थल पर ट्रांसमिशन टावर की ऊंचाई बढ़ाकर इस समस्या को न्यूनतम लागत पर हल किया जा सकता है। लेकिन, कुछ कारणों से अभी तक ये फैसला नहीं हो सका है। मैं एक बार फिर केंद्र और राज्य सरकार के सभी संबंधित मंत्रियों/विभागों से इस मुद्दे पर तत्काल निर्णय लेने का अनुरोध करता हूं ताकि बहुत कम लागत पर एक उपयुक्त समाधान खोजा जा सके और मुंबई में इमारतों के पुनर्विकास में तेजी लाई जा सके।

RELATED ARTICLES

Most Popular

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com