मुंबई (सं. भा.)। महानगर की झोपड़पट्टियों में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मनपा प्रशासन बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब तक ‘स्वच्छ मुंबई प्रबोधन अभियान’ के नाम से चल रही वस्ती सफाई योजना को नया रूप देते हुए इसका नाम बदलकर ‘बृहन्मुंबई स्वच्छता सेवा योजना’ किए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही इस काम से जुड़े सफाई कर्मियों के मानदेय में भी बड़ा इजाफा प्रस्तावित किया गया है।
घनकचरा प्रबंधन विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव के मुताबिक, वर्तमान में मिलने वाला 6 हजार रुपये मासिक अनुदान बढ़ाकर सीधे 11 हजार रुपये करने की योजना है। इस प्रस्ताव को जल्द ही स्थायी समिति की बैठक में मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा, जिसके बाद हजारों कामगारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, मुंबई की करीब 45 प्रतिशत आबादी झोपड़पट्टियों में निवास करती है, जहां साफ-सफाई बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। इन इलाकों में घर-घर से कचरा संग्रहण, गलियों की सफाई, सार्वजनिक शौचालयों और नालियों की देखरेख जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए वर्ष 2013 में यह योजना शुरू की गई थी।
मनपा अधिकारियों का मानना है कि योजना के नाम और स्वरूप में बदलाव के साथ-साथ मानदेय बढ़ाने से सफाई व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी, वहीं कामगारों का मनोबल भी बढ़ेगा। आने वाले समय में इस योजना के जरिए शहर को और अधिक स्वच्छ बनाने की दिशा में तेज़ी से काम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
स्वच्छता मिशन को नई रफ्तार, योजना का नाम बदलेगा, भत्ता भी दोगुना
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