- बाबुलनाथ व सभी शिवालयों में देर शाम तक रहा भक्तों का तांता
- 72 साल बाद पहले दिन सर्वार्थ सिद्धि और सोमवार का संयोग
- घी पूजा के साथ शिव परिवार की झांकी रही आकर्षण का केंद्र
मुंबई (सं. भा.) : सावन के पहले सोमवार को मुंबई के शिवालय भक्तों के हर हर महादेव , बम बम भोले के जयकारों से सुबह से लेकर देर रात तक गुंजायमान रहे। प्रसिद्ध शिव मंदिर बाबुलनाथ, मालाड पश्चिम, मढ गांव स्थित किल्लेश्वर महादेव मंदिर सहित शहर भर के छोटे बड़े शिवमंदिरों में कल सोमवार को देर शाम तक वहां स्थापित शिवलिंग पर जलाभिषेक और पूजन करने के लिए शिवभक्तों का तांता लगा रहा।
बतादें कि देवाधिदेव महादेव भगवान शंकर के अत्यंत प्रिय सावन माह की शुरुआत उनके प्रिय दिन सोमवार से हुई। 72 साल बाद सावन के पहले दिन बने सर्वार्थ सिद्धि योग और सोमवार के संयोग का असर श्रद्धालुओं के उत्साह में देखने को मिला। शिवोपासना करने के लिए मुंबई के सभी शिव मंदिरों में सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। कई शिवालयों में भक्तों ने सोमवार पर रुद्राभिषेक भी किया। वैसे तो प्रत्येक सोमवार को मुंबई एवं उपनगरों के शिव मंदिरों में पूजा अभिषेक करने के लिए शिव भक्त जुटते हैं लेकिन सावन के सोमवार को तो मानों भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। लोगों ने सुविधानुसार सभी शिवालयों में आस्था का जलाभिषेक किया। सावन के पहले सोमवार को मुंबई के सबसे प्राचीन शिवालय, बाबुलनाथ में हजारों की संख्या में लोग उपनगरों से पहुंचे और जलाभिषेक किया। काफी संख्या में ऐसे भी श्रद्धालु थे जो रविवार की रात पैदल चलकर सुबह बाबुलनाथ मंदिर पहुंचे और जलाभिषेक किया।

सावन माह के पहले सोमवार को बाबुलनाथ टेकड़ी वाले मंदिर में विशेष व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन उपलब्ध कराने के लिए बैरकेडिंग करके कतारबद्ध किया गया। लोगों ने कतार में लगकर सुबह 5 बजे से दोपहर 12 बजे तक जलाभिषेक किया। मंदिर के प्रबंधक मुकेश कनौजिया के अनुसार सावन के पहले सोमवार को दो लाख के करीब भक्तों ने दर्शन और जलाभिषेक किया। इस दौरान तीन बार बाबा की आरती की गई। पहली आरती सुबह 4 से 4:30 बजे तक, दूसरी आरती दोपहर 12 से 12:30 बजे तक तथा तीसरी आरती शाम को 6 से 6:30 बजे तक की गई। शाम को घी पूजा के साथ बनाई गई शिव परिवार की झांकी भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रही।
कल सावन के पहले सोमवार को इसी तरह से पवई के सुवर्णा मंदिर, फ़िल्टर पाड़ा के चिन्मयानन्द मिशन शिवालय, मालाड मढ के किलेश्वर महादेव मंदिर, वसई के तुंगारेश्वर मंदिर, भायंदर के काशीविश्वनाथ मंदिर, मीरारोड के सर्वेश्वर शांति हिंदू मंदिर, असल्फा के जंगलेश्वर महादेव समेत सभी शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ जुटी। मंदिर परिसर हर हर महादेव के जयकारे से गूंज उठा।


