मुंबई (सं.भा.) देश में तेज रफ्तार माल परिवहन की दिशा में रेलवे ने एक अहम कदम बढ़ाया है। वंदे भारत तकनीक पर तैयार की गई फ्रेट ईएमयू का अहमदाबाद से मुंबई सेंट्रल के बीच 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से परीक्षण किया गया। इस ट्रायल के जरिए रेलवे ने तेज गति पर ट्रेन की स्थिरता और सुरक्षित संचालन की क्षमता को परखा।
पश्चिम रेलवे के नेटवर्क पर अहमदाबाद से मुंबई सेंट्रल और फिर मुंबई सेंट्रल से अहमदाबाद के बीच यह परीक्षण किया गया। रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम ने अहमदाबाद-वडोदरा-मुंबई सेंट्रल रेलखंड पर कंफर्मेटरी ओसिलोग्राफ कार रन (सीओसीआर) के जरिए ट्रेन के प्रदर्शन की जांच की।
फ्रेट ईएमयू को ट्रायल से पहले साबरमती स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो (आईसीडी) में रखा गया था। आरडीएसओ की टीम ने अहमदाबाद मंडल के मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग की मदद से ट्रेन में जरूरी उपकरण लगाए। इसके बाद सुबह करीब 9 बजे ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई सेंट्रल के लिए रवाना हुई। वापसी में मुंबई सेंट्रल से अहमदाबाद के बीच भी इसका परीक्षण किया गया।
पश्चिम रेलवे ने ट्रायल के लिए पूरा रेल मार्ग उपलब्ध कराया। परीक्षण के दौरान रेलवे के सभी स्थायी और अस्थायी गति प्रतिबंधों का पालन किया गया। अब ट्रायल से मिले आंकड़ों का अध्ययन किया जाएगा। इसके आधार पर वंदे भारत तकनीक वाली फ्रेट सेवा के भविष्य में इस्तेमाल को लेकर आगे की योजना तैयार की जाएगी।
यदि यह व्यवस्था सफल रहती है तो समय के लिहाज से महत्वपूर्ण और अधिक मूल्य वाले सामान को मौजूदा मालगाड़ियों की तुलना में तेज गति से पहुंचाने का विकल्प मिल सकता है। इससे देश में तेज और भरोसेमंद माल परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


