मुंबई (सं.भा.): मुंबई के लोकल ट्रेन नेटवर्क में एआई तकनीक का इस्तेमाल कर बनाए जा रहे फर्जी टिकट और सीजन पास को रोकने के लिए रेलवे ने अब नई तकनीक अपनाई है। पश्चिम रेलवे ने सबअर्बन सेक्शन में तैनात सभी टिकट चेकर्स (टीसी) को स्मार्ट टैबलेट उपलब्ध कराए हैं। इन टैब की मदद से अब टीसी ट्रेन के अंदर ही यात्रियों के टिकट और पास की वास्तविकता तुरंत जांच सकेंगे।
टैब में टिकट और पास पर दर्ज यूनिकोड नंबर को स्कैन करने का विकल्प है, जिससे वैधता तुरंत पता लगाई जा सकती है। इससे न सिर्फ फर्जी टिकट पकड़ना आसान होगा, बल्कि जांच प्रक्रिया भी तेज और पारदर्शी बनेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में एआई तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी टिकट तैयार करने वाले गिरोह सक्रिय हो गए हैं। विशेषकर एसी लोकल में इस तरह के टिकटों का उपयोग बढ़ा है। अब तक एआई आधारित कम से कम 6 मामले पकड़े जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि टैब से सत्यापन शुरू होने के बाद यह संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि कई यात्री अभी भी डिजिटल रूप से छेड़छाड़ किए गए टिकट का प्रयोग कर रहे हैं। इस ऑपरेशन से न केवल फर्जी टिकट बनाने वालों पर कड़ी रोक लगेगी, बल्कि यात्रियों में टिकट प्रणाली के प्रति भरोसा भी बढ़ेगा। रेलवे ने चेतावनी जारी की है कि फर्जी टिकट पाए जाने पर भारी जुर्माना के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से मुंबई लोकल में एआई आधारित धोखाधड़ी पर पहली बार बड़े पैमाने पर नियंत्रण लगाया जा रहा है। रेलवे का यह प्रयास आगामी चुनाव और बढ़ती यात्री संख्या के बीच यात्रा को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।


