मुंबई (संवाददाता)। मालाड पश्चिम में लिंक रोड पर मनपा की जमीन एक व्यक्ति द्वारा जबरन कब्जा किए जाने का मामला लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस लुख्खे का नाम लाला पठान बताया जा रहा है। आखिर किस के दम पर इस लुख्खे लाला पठान ने मनपा की जमीन को कब्जाने की हिम्मत की है। इस क्षेत्र के कांग्रेसी विधायक असलम शेख ने पठान को वहां से हटाने के लिए ए़डी चोटी का जोर लगा दिया। मजे की बात यह कि विधायक साहेब भी पठान की पहुंच के आगे पस्त नजर आ रहे हैं। लुख्खा पठान जबकि मस्त हो कर मनपा की जमीन पर अपनी दावेदारी ठोक रहा है। मनपा पी उत्तर विभाग ने पठान के खिलाफ मालाड पुलिस स्टेशन में एफआईआर भी कराया है पर महीनों बीत जाने के बाद भी अभीतक परिणाम नहीं निकल पाया है।
बता दें कि मालाड पश्चिम लिंक रोड पर डी मार्ट के ठीक सामने और सोनल इंडस्ट्रीयल इस्टेट के बगल में मनपा की खुली जमीन है। जब इस क्षेत्र के नगरसेवक परमिंदर सिंग भामरा थे तब दिसंबर २०१६ को इस जमीन पर फुटबॉल का मैदान और जॉगिंग ट्रैक बनाने के लिए रिलायबल इंटरप्राइजेस को मनपा ने ठेकेदार नियुक्त किया था। सहायक मनपा आयुक्त तथा अन्य की उपस्थिति में विधायक असलम शेख ने नारियल फो़ड कर काम शुरु कराया था। ठेकेदार का काम लगभग आधा पुरा होने को आया तभी फरवरी २०१७ में लाला पठान नामक लुख्खा उक्त मनपा की जमीन पर अपना दावा ठोकते हुए आ धमका। इतना हीं नहीं ठेकेदार के वाचमैनों को भी परेशान करने लगा। तंग आ कर मनपा पी उत्तर विभाग में उद्यान विभाग की अधिकारी सुप्रिया सावंत ने मालाड पुलिस स्टेशन में लाला पठान, उसकी बीबी और दो साथीदारों के खिलाफ भा.द.वि. की धारा ४४७, ३४१, ५०६, ३४ के तहत एफआईआर दर्ज करा दिया। इस मामले को दो महीने हो गए पर मालाड पुलिस अब तक पठान को वहां से हटाने में नकाम रही है। जब की मनपा द्वारा रिलायबल इंटरप्राइजेस वंâपनी को दिए गए काम कराने की ठेके की अवधि समाप्त हो चुकी है। फिलहाल पठान के नशे़डी-गंजे़डी समर्थकों ने मनपा की उक्त जमीन पर अपना डेरा डाल रखा है। आखिर किस के दम पर पठान जैसा लुख्खा वहां पर पैर जमाए बैठा है। मनपा और मालाड पुलिस के अंदरुनी सूत्रों की माने तो पठान के सिर पर एक मुस्लिम भाजपा नेता का हाथ बताया जाता है। उक्त मुस्लिम नेता प्रदेश सरकार के ब़डे-ब़डे मंत्रियों से संबंध होने का दावा करता है। आज जो उक्त जमीन की परिस्थिति बन प़डी है उस से उक्त मुस्लिम नेता के दावे में सच्चाई भी नजर आती है। वर्ना स्थानीय विधायक की पूरी कोशिश के बाद भी पठान जैसा अदना सा लुख्खा आम नागरिको के उपयोग में आने वाली जमीन पर कब्जा जमाए बैठा रहे ऐसा कैसे संभव हो सकता है। बहरहाल इस पूरे प्रकरण से एक बात तो साबित होती ही है कि भाजपा सरकार और इमानदार छवी वाले मुख्यमंत्री की छवी को यह मुस्लिम नेता दागदार बना रहा है।


