प्रेरणा दर्पण साहित्यिक सांस्कृतिक मंच द्वारा आयोजित कार्यक्रम छायावाद सप्ताह का समापन सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। 30 दिसम्बर से पाँच जनवरी तक चलने वाले इस कार्यक्रम में देश के कई वरिष्ठ सहित्यकार एंव प्रतिष्ठित वक्ताओं ने हिस्सा लिया। छायावाद के मजबूत स्तम्भ जयशंकर प्रसाद, सुमित्रानंदन पंत, महादेवी वर्मा, एंव महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ के जीवन एंव उनके साहित्यिक योगदान और कृतियों पर चर्चा और उनके जीवन के तमाम अनछुवे पहलुओं से आम श्रोताओं से परिचय कराया।
छायावाद काल का हिंदी साहित्य के उत्थान एंव उन्नति का स्वर्णिम काल रहा है। जब भारतीय मानस पर अंग्रेजी का प्रभुत्व प्रभावी हो रहा था। तत्कालीन समय मे छायावाद का साहित्य जनमानस में हिंदी की प्रमुखता का स्वर मुखर करने में अग्रणी भूमिका निभाया। प्रसाद, पंत, निराला और महादेवी की रचनाओं ने हिंदी को समृद्ध और सुसंस्कृत बनाने में अपना जीवन समर्पित कर दिया।
इस कार्यक्रम में जिनकी हिस्सेदारी रही वो है राँची विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ जे बी पांडेय जी, वीमेंस कॉलेज राँची की हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ उर्वशी, डॉ राकेश तिवारी बेसिक शिक्षा विभाग उत्तरप्रदेश।
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा कार्यक्रम समापन का आखिरी दिन। जिसमे राँची विश्वविद्यालय के पूर्व व्याख्याता एंव प्रबुद्ध साहित्यकार डॉ श्री अशोक प्रियदर्शी जी, डॉ श्री के के बोस जी हिंदी विभागाध्यक्ष सेंट जेवीयर कॉलेज राँची, डॉ श्रीमती राजरानी वर्मा जी जीवाजी कॉलेज ग्वालियर, वरिष्ठ कवि डॉ श्री प्रवीण शुक्ल जी, साहित्यकार एवं पत्रकार श्री पंकज शर्मा जी, डॉ श्री राकेश तिवारी जी तथा मंच की अध्यक्षा डॉ कीर्ति काले जी।
श्री मकरध्वज तिवारी जी के बेहतरीन मंच संचालन में इस कार्यक्रम की गरिमा एंव समरसता उत्तरोत्तर रही।
इस कार्यक्रम के आयोजन में जिनका अतुल्यनीय योगदान रहा संस्था उपाध्यक्ष एंव प्रसिद्ध हास्य कवि श्री ओमप्रकाश कल्याणे जी, महासचिव श्री हरिप्रकाश पांडेय जी, एंव संगठन सचिव शुभ्रा सिंह जी के शुभ प्रयास से इस सफल कार्यक्रम का आयोजन सम्पन्न हुआ।
प्रतिमा मणि त्रिपाठी
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी
प्रेरणा दर्पण साहित्यिक एंव सांस्कृतिक मंच दिल्ली।


