मुंबई (संवाददाता)। बंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि वह यह सुनिश्चित करे कि सरकार से सहायता प्राप्त स्कूल दिव्यांग छात्रों और कर्मचारियों की सहायता के लिए विशेष शिक्षक और सहायक नियुक्त करे जैसे कि वैधानिक नियमों में निर्धारित है। अदालत ने यह भी कहा कि राज्य सरकार दिव्यांग व्यक्तियों को शिक्षा और रोजगार के अर्थपूर्ण अवसर उपलब्ध कराने के लिए बाध्य है।
न्यायमूर्ति एस. सी धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति भारती डांगरे की पीठ ने कल प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह सुनिश्चित करे कि दिव्यांगो की सहायता के लिए मंजूर किए गए सभी विशेष शिक्षकों और सहायकों को नौकरी उपलब्ध कराई जाए। पीठ ऐसे ही एक सहायक द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई कर रही थी।


