मुंबई (संवाददाता)। मेयर चुनाव के साथ स्थानीय निकाय चुनावों में मिली ब़डी सफलता के लिए उत्तर प्रदेश में ८ महीने की योगी सरकार की खूब वाहवाही दिख रही है। दीया तले अंधेरा यह कहावत भी इस चुनाव परिणाम को चरितार्थ कर रहा है। गोरखपुर के जिस वार्ड में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ रहते हैं उस वार्ड के अलावा अगल – बगल के तीन अन्य वार्ड भाजपा नही जीत पाई। इसी प्रकार फतेहपुर जिला का हाल तो इस से बुरा रहा है। प्रदेश सरकार के दो दो मंत्री और केंद्र सरकार की एक मंत्री इस जिले से होने के बावजूद यहीं भाजपा प्रत्याशियों को नगर निगम चुनाव में भद्द पीट गई। नगर निगम के ७ वार्डो में से सिर्फ एक पर ही भाजपा जीत का स्वाद चखने में सफल रही जबकि अन्य छ: सीटों पर उसे मुंह की खानी प़डी है।
बता दें कि फतेहपुर जिला नगर निगम में खागा, किशुनपुर, हथगांव, बिंदकी, बहुआ, जहनाबाद, फतेहपुर शहर मिला कर कुल सात वार्डों का समावेश है। भाजपा के खिलाफ आए चुनाव परिणाम के के बाद अब इसका ठीकरा यहां के मंत्रियों के उन चमचों पर फूट रही है। जो आम जनता को इन मंत्रियों से दूर रखते रहे हैं फतेहपुर जिले से साध्वी निरंजन देवी केंद्रीय मंत्री है तो प्रदेश सरकार में राघवेंद्र सिंह उर्फ़ धुन्नी भईया और जय कुमार जैकी यहां से मंत्री है। इनके अलावा विक्रम सिंह, धरम सिंह पटेल, सहित विशाल गुप्ता इस क्षेत्र के विधायक हैं। इन सभी के क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों को करारी हार का सामना करना प़डा है। चौकाने वाली बात यह है कि इन भाजपा प्रत्याशियों को हराने में निर्दलियों का अहम रोल रहा है।
गौर करने वाली बात यह है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ, उप मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा आदि ने फतेहपुर मे न सिर्फ रैली निकाली थी बल्कि कई बार प्रचार करने पहुंचे थे। इसके बावजूद भाजपा प्रत्याशियों का हारना किसी आश्चर्य से कम नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस जिले के मंत्रियों और उनके चमचे खनन माफियांओं के हाथों बिक चुके हैं। दुख़डा लेकर इन के पास जनता जाती है तो यही चमचे मंत्रियों और विधायकों से मिलने तक नही देते हैं। ऐसे मे योगी जी भले ही प्रदेश सरकार को आम जन की सरकार बताते हो पर फतेहपुर में भाजपा के मंत्री विधायक और नेता आम जनता से कोसों दूर हैं जिसका परिणाम नगर निगम चुनाव और स्थानीय निकाय के चुनाव में भाजपा को भुगतना प़डा है।


