बांदा (सं. भा.) : पाइप पेयजल योजनाओं में तकरीबन एक दर्जन ऐसी पेयजल योजनाएं हैं जो पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पा रही। इनमें कहीं मरम्मत का कार्य चल रहा है तो किसी में नलकूप रिबोर योग्य है वहीं कुछ ऐसी योजनाएं हैं जो विद्युत आपूर्ति बाधित होने के चलते ठीक से नहीं संचालित हो पा रही।
बुंदेलखंड में पेयजल एक बड़ी समस्या है। लोगों को विभिन्न पेयजल परियोजनाओं के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप पेयजल योजनाओं को निर्मित कराया गया है। जल निगम द्वारा निर्मित कराई गई दो दर्जन से अधिक ऐसी पाइप पेयजल योजनाएं हैं जिनमें कई आंशिक रूप से ही क्रियाशील बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक जल निगम द्वारा जिला विकास विभाग को पाइप पेयजल योजनाओं के संचालन की स्थिति की रिपोर्ट प्रेषित की गई है जिसमें जमालपुर, बरुआ स्योढ़ा, कानाखेड़ा, ग्रुप-1, 2 व 3 बिलगांव, मुरवल, पतवन, भभुवा, औगासी, सांडासानी, ग्रुप-1, 2, ग्रुप 4, चहितारा पाइप पेयजल योजनाएं आंशिक रूप से क्रियाशील बताई गई हैं। इनमें किसी में नलकूप रिबोर योग्य है जिसका प्राक्कलन तैयार कर प्रेषित किया जा चुका है। किसी में जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा रहा है वहीं कुछ ऐसी भी हैं जहां विद्युत आपूर्ति बाधित होने के चलते संबंधित पेयजल परियोजनाएं पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पा रही। इसके अलावा कुछ क्रियाशील पेयजल योजनाओं में यांत्रिक कमियों व नलकूप का पर्याप्त स्त्राव न होने से भी पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही।


