मुंबई (संवाददाता)। बेस्ट के बजट को मनपा की स्थायी समिति ने हरी झंडी दे दी है, जिसकी वजह से अगले वित्तीय वर्ष में बेस्ट बसों का किराया ब़ढना तय माना जा रहा है। बेस्ट के घाटे को कम करने के लिए मनपा आयुक्त की तरफ से सुझाए गए उपाययोजनाओं को अमल में लाया जाएगा। हालांकि विपक्ष ने किराया ब़ढोत्तरी का विरोध करते हुए बैठक का बहिष्कार किया।
मुंबई शहर में विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन सेवा उपलब्ध कराने वाली बेस्ट उपक्रम की आर्थिक स्थिति डावांडोल है। स्थित यहां तक पहुंच गयी है कि पिछले दिनों मनपा सदन में आयुक्त अजोय मेहता ने यहां तक कह दिया कि बेस्ट पर ताला लगाना प़ड सकता है। आर्थिक स्थित से उबारने को लेकर मनपा आयुक्त ने बेस्ट प्रशासन को उपाययोजना का निर्देश दिया है। इसमें घाटे के रुट को बंद करने, कर्मचारियों के भत्तों एवं सुविधाओं में कटौती आदि का समावेश है।
बेस्ट प्रशासन ने घाटे का बजट तैयार किया है, जिसकी भरपायी मनपा से मिलने वाले अनुदान से की जानी है। वर्ष २०१८-१९ के बजट को बेस्ट समिति की मंजूरी मिलने के बाद उसे मनपा की स्थायी समिति के समक्ष पेश किया गया था। जिस पर चर्चा के दौरान नगरसेवकों ने अनेक सुझाव दिए.शिवसेना के संजय घाडी, सदानंद परब, भाजपा के प्रभाकर शिंदे,राकां की गुट नेता राखी जाधव, सपा के गुट नेता रईस शेख सहित अन्य ने चर्चा में हिस्सा लिया.
बजट पर चर्चा के बाद बेस्ट महाप्रबंधक के बयान के पहले ही मनपा में विपक्ष के नेता रवि राजा के नेतृत्व में राकां की गुट नेता राखी जाधव, राईस शेख व अन्य विपक्षी दल के नगरसेवकों ने स्थायी समिति का बहिष्कार किया। राखी जाधव ने बेस्ट की खस्ता हालत के लिए सत्ताधारी दल एवं बेस्ट प्रशासन को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सुझावों को दरकिनार कर दिया जाता है।


