spot_img
Homeमहाराष्ट्रमुंबईमहाडा स्लम विभाग के इंजीनियर भ्रष्टाचारी ही नहीं आलसी भी हैं।

महाडा स्लम विभाग के इंजीनियर भ्रष्टाचारी ही नहीं आलसी भी हैं।

मुंबई (सं. भा.)। महाडा स्लम विभाग के नागरिक दलित फंड से बनाए जाने वाले शौचालय आदि कार्यो में कांट्रेक्टरों तथा इंजीनियरों की मिली भगत से भ्रष्टाचार अपने चरण सीमा पर पहुंच गया है। भ्रष्टावार में लिप्त महाडा स्लम विभाग के इंजीनियर, कांट्रेक्टरों की अवैध कमाई का हिस्सेदार बन न सिर्फ मोटे हो गए हैं बल्कि आलसी भी बन चुके है। यी कारण है कि नागरिक दलित फंड से बनाए जाने वाले शौचालयों का नाप तक लेने नही जाते हैं। इतना हीं नहीं जिस मेजरमेंट बुक को इन महाडा के इंजीनियरों को भरना चाहिए वह काम काँट्रेक्टर के इंजीनियरों द्वारा कराया जाता है।

गौरतलब है कि गोरेगांव पश्चिम के भगत सिंह नगर, नंबर दो के चर्चगली में महाडा स्लम विभाग द्वारा १८ सीट की ए. सी. ब्लॉक (शौचालय) का काम उल्हास नगर के कामना कंस्ट्रक्शन (ठेकेदार) हरीश चेटवानी के द्वारा कराया गया है। यह काम नागरिक दलित फंड के माध्यम से हुआ है। इसके तहत ठेकेदार को शौचालय के अंदर और बाहर टाइल्स लगाना था। इंजीनियरों से मिली भगत कर कांट्रेक्टर ने जहां पॉट लगाए गए है वहीं अंदर की तरफ चार फीट तक हीं टाइल्स लगाए हैं।

जबकि भ्रष्टाचारी इंजीनियर (कार्यकारी अभियंता चांद्रे, उप अभियंता-दात्रक, कनिष्ठ अभियंता कदम) ने कांट्रेक्टर से मिली भगत कर उसे पूरा पैसा दे दिया है। शौचालय बनाते समय खुदाई के दौरान निकाली गई मिट्टी को मनपा के डंपिंग ग्राउंड में पेंÀकना अनिवार्य है परंतु कांट्रेक्टर ने उक्त मिट्टी के ढेर का वहीं छोड़ दिया है तो आज भी जस का तस पड़ा है। भरे गए टेंडर के अनुसार कांट्रेक्टर को शौचालय बनाने के साथ-साथ उसको अगल बगल की चालियों में काँक्रिटीकरण और लादी लगाने की जिम्मेदारी भी थी। इस कार्य का पूरा पैसा लेकर डकार गए कांट्रेक्टर ने काैंट्रिटीकरण और लादी कहीं लगाया हीं नहीं।

RELATED ARTICLES

Most Popular

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com