उत्तर प्रदेश (सं. भा.) : बांग्लादेशियों सहित 3 अन्य जमाती जहां क्वारंटीन के बाद शासनिक आदेश पर अस्थायी जेल में VIP व्यवस्था में पहुंच गये, वहीं संरक्षकों की गिरफ्तारी पर सस्पेंस बरकरार है। संरक्षकों की रसूखदारी के चलते उनके ऊपर गिरफ्तारी का शिकंजा नहीं कसा जा रहा है। ऐसी चर्चा स्थापित मीडिया समूहों की खबरों के बाद जनपद ही नहीं बल्कि विभिन्न शहरों में जारी है। इसका कारण है कि यह मामला हजारों-लाखों की जिंदगी खतरें में डालने वाले अवैध कृत्यबाज जमातियों से जुड़ा है।
भदोही जनपद पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक कोरोना महामारी के संक्रमण के दौरान थाना भदोही में 31मार्च को मुकदमा अपराध संख्या 83/ 2020 धारा 14 (ब) विदेशी अधिनियम 1946, 3 महामारी अधिनियम 1897 व 188,269, 270 भा0द0वि0 पंजीकृत किया गया था, जिसकी विवेचना प्रचलित रही उक्त अभियोग में संलिप्त 11 नफर बांग्लादेशी नागरिक तथा 03 भारतीय नागरिक / अभियुक्त जो 27 फरवरी से तबलीगी जमात/मरकज नई दिल्ली में शामिल हुए तथा 3 मार्च को मरकज नई दिल्ली से चलकर ट्रेन द्वारा 4 मार्च को जनपद भदोही पहुंचे थे। उपरोक्त सभी अभियुक्तों /जमातियों के संबंध में सूचना प्राप्त होने / पंजीकरण 31 मार्च से अभी तक क्वारंटीन में रखा गया था। इनको कोरोना /COVID-19 का परीक्षण कराया गया। परीक्षण से सभी कोरोना निगेटिव पाये गये तथा विवेचना के दौरान चिकित्सक के परामर्श के अनुसार उपरोक्त सभी 14 नफर आरोपियों की क्वारंटीन अवधि समाप्त होने के उपरांत आज दिनांक 17 अप्रैल को रपट संख्या 33 दोपहर 1 बजे, 11 बांग्लादेशी अभियुक्तों को अंतर्गत धारा 14 (ब) विदेशी अधिनियम 1946, 3 महामारी अधिनियम 1897 व 188, 269 ,270 भादवि तथा 03 भारतीय नागरिकों को अंतर्गत धारा 3 महामारी अधिनियम 1897 व 188,269,270 भादवि में गिरफ्तार कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की गई, जिसमें अपर मुख्य सचिव गृह( गोपन) अनुभाग -3 उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ के पत्र संख्या 268/2020 – सीएक्स -3 दिनांक 16 अप्रैल में निहित बिन्दु संख्या 02 के उप विन्दु संख्या 02 (4) के अनुपालन में अस्थायी कारागार में भेजा गया है.।
फिलहाल अब देखना यह है कि सदैव निष्पक्ष दमखम भरने वाली भदोही पुलिस करोड़पति संरक्षकों को गिरफ्तार करती है या नहीं..


