मुंबई (सं.भा.) महाराष्ट्र सरकार ने गरीब और जरूरतमंद मरीजों को त्वरित राहत देने के लिए मुख्यमंत्री सहायता निधि की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और तेज बनाने का फैसला किया है। नई ऑनलाइन प्रणाली लागू होने के बाद अब इलाज के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता की मंजूरी महज 8 घंटे के भीतर मिल सकेगी, जिससे मरीजों को समय पर इलाज मिलना आसान होगा।
नई व्यवस्था के तहत मरीजों को खुद आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। अस्पताल ही सीधे मुख्यमंत्री सहायता कक्ष में ऑनलाइन आवेदन भेजेंगे। मरीजों को केवल अस्पताल में जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे, जिसके बाद पूरी प्रक्रिया अस्पताल प्रशासन द्वारा पूरी की जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक, यदि सभी दस्तावेज नियमों के अनुरूप सही पाए जाते हैं, तो आवेदन को कार्यालयीन समय के भीतर 8 घंटे में स्वीकृति दे दी जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री सहायता निधि और धर्मार्थ अस्पताल सहायता कक्ष को हाईटेक ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ा जा रहा है, जिसे जल्द ही लागू किया जाएगा।
मरीजों की सुविधा के लिए टोल-फ्री नंबर 1800 123 2211 भी जारी किया गया है, जहां संपर्क कर योजना से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच राज्य में 40,776 मरीजों को कुल 333.06 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। मुख्यमंत्री सहायता निधि कक्ष के प्रमुख रामेश्वर नाइक के अनुसार, नई प्रणाली लागू होने से न केवल आवेदन प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि मरीजों के इलाज का खर्च भी समय पर वहन किया जा सकेगा, जिससे किसी भी तरह की देरी नहीं होगी।
मुख्यमंत्री सहायता निधि हुई हाईटेक, इलाज के लिए फौरन मिलेगी मदद
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