भायंदर (सं. भा.)। मनपा मे अधिकारी भ्रष्टाचार का कोई भी मौका नही छोड़ते है। उन्हें तो बस एक बहाना चाहिए जिसमे वो अपना उल्लू सीधा कर सके ऐसा ही मामला मीरा-भायंदर मनपा के शिक्षा विभाग मे देखने को मिला है जहां सिक्षा अधिकारी ने बिना टेंडर प्रक्रिया के ही ठेका दे दिया। विद्यार्थियों को पोषक आहार की आपूर्ति का ठेका बिना निविदा के ही दिए जाने का खुलासा सभागृह नेता प्रशांत दलवी ने किया है। दलवी ने मामले की जांच कराकर शिक्षा अधिकारी उर्मिला पारधे के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग मीरा-भायंदर मनपा आयुक्त से की है।
सभागृह नेता ने कहा कि मनपा के प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को पोषक आहार योजना अंतर्गत चावल आदि खाद्यान्न वितरण का ठेका अन्नामृत फाउंडेशन (इस्कान फुड रिलीफ एंड फाउंडेशन) को दिया गया है। यह ठेका स्थायी समिति व आयुक्त को अंधेरे में रखकर शिक्षा अधिकारी ने दिया है। क्योंकि ठेका बिना निविदा निकाले ही दे दिया गया।
शिक्षा अधिकारी पर कार्रवाई की मांग
दलवी ने कहा कि लॉकडाउन में विद्यार्थियों को खाद्यान वितरित कैसे किया गया? इसकी जांच अतिरिक्त आयुक्त से कराकर शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग उन्होंने आयुक्त से की है। दलवी ने बताया कि मराठी, हिंदी, गुजराती व उर्दू भाषा के विद्यालयों में करीब ८,००० विद्यार्थि है, पहले यह संख्या १० हजार के आस-पास थी। विद्यार्थियों की संख्या लगातार घटने के बावजूद पोषक आहार विद्यार्थियों की संख्या के बराबर ही दिया जाता है। पोषक आहार आपूर्ति का ठेका अस्थाई रुप से दिया गया है। इसके लिए स्थायी समिति तथा आयुक्त की मंजूरी थी। किंतु संबंधित संस्था को लाभ पहुंचाने की मंशा से पुन: निविदा प्रक्रिया प्रलंबित रखी गई।


