मुंबई (सं.भा.): राज्य में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर इस साल सिर्फ सख्त निगरानी ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के मानसिक तनाव को कम करने पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। 12वीं की परीक्षा 10 फरवरी से और 10वीं की परीक्षा 20 फरवरी से शुरू हो रही है। परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और अनुशासित बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है।
परीक्षाओं के दौरान नकल और अनुचित साधनों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार ने स्वतंत्र राज्यस्तरीय दक्षता समिति का गठन किया है। यह समिति पूरे राज्य में परीक्षा व्यवस्था पर नजर रखेगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत निर्णय ले सकेगी। स्कूली शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में शासन निर्णय (जीआर) जारी किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का सीधा नियंत्रण अब जिला प्रशासन के पास रहेगा। संवेदनशील और अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी परीक्षा कक्षों में कैमरे सुचारु रूप से काम कर रहे हों और रिकॉर्डिंग सुरक्षित ढंग से संग्रहित हो।
अब तक जिले स्तर पर दक्षता समितियां कार्यरत थीं, लेकिन पूरे राज्य में एकरूपता और त्वरित कार्रवाई के लिए राज्यस्तरीय समिति की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसी के चलते शिक्षा आयुक्त की अध्यक्षता में इस समिति का गठन किया गया है। समिति में राज्य मंडल के अध्यक्ष, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, अतिरिक्त व विभागीय आयुक्त, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशक, शिक्षा योजना निदेशक और राज्य मंडल के सचिव को शामिल किया गया है। शिक्षा विभाग का मानना है कि तकनीक आधारित निगरानी से परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बढ़ेगा और विद्यार्थियों को निष्पक्ष व शांत माहौल मिलेगा। साथ ही, प्रशासनिक सख्ती के बीच छात्रों पर अनावश्यक दबाव न पड़े, इस दिशा में भी विभाग लगातार प्रयास कर रहा है।


