✍️ (सं भा.)फतेहपुर
फतेहपुर जनपद की बिंदकी तहसील में तबादला नीति की वास्तविकता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गोधरौली और अभयपुर ग्राम पंचायत में लंबे समय से तैनात लेखपाल शुभम सिंह की लगातार एक ही क्षेत्र में मौजूदगी अब प्रशासनिक गलियारों से लेकर आमजन के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शासन और जिला स्तर से कई बार तबादला सूचियां जारी होने के बावजूद लेखपाल शुभम सिंह की तैनाती हर बार गोधरौली–अभयपुर क्षेत्र में ही बनी रहती है। जब कभी इसको लेकर शिकायतें या दबाव ऊपर तक पहुंचता है, तो उन्हें महज एक–दो महीने के लिए किसी अन्य हलके में भेज दिया जाता है। हालात सामान्य होते ही फिर से उसी पुराने क्षेत्र में उनकी वापसी हो जाती है। इस प्रक्रिया को लोग “दिखावटी तबादला” बता रहे हैं।
सूत्र यह भी बताते हैं कि लेखपाल शुभम सिंह की तहसील और उससे ऊपर तक अच्छी पकड़ मानी जाती है। चर्चा है कि बिंदकी तहसील में कौन भी तहसीलदार पदस्थ हो, उनसे लेखपाल की सेटिंग मजबूत रहती है, जिसके चलते उनके खिलाफ उठने वाले सवाल प्रभावी कार्रवाई तक नहीं पहुंच पाते।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लेखपाल शुभम सिंह कई बार खुलेआम यह कहते सुने गए हैं कि “हम समाजवादी हैं, समाजवाद के पक्के हैं, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” ऐसे कथित बयानों के चलते क्षेत्र में यह धारणा और मजबूत हो गई है कि उन्हें किसी राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण का लाभ मिल रहा है।
लंबे समय तक एक ही ग्राम पंचायत में तैनाती को लेकर राजस्व विभाग के नियम भी सवालों के घेरे में हैं। जानकारों का मानना है कि वर्षों तक एक ही हलके में रहने से न सिर्फ प्रशासनिक संतुलन बिगड़ता है, बल्कि पारदर्शिता और निष्पक्षता पर भी असर पड़ता है। यही वजह है कि शासन स्तर पर नियमित तबादलों की नीति बनाई गई है, ताकि किसी एक स्थान पर प्रभाव या एकाधिकार न बन सके।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि
क्या लेखपाल शुभम सिंह की कथित ऊपर तक पहुंच के चलते तबादला नीति निष्प्रभावी हो रही है?
क्या अस्थायी और प्रतीकात्मक तबादलों से सिर्फ दबाव कम करने का खेल खेला जा रहा है?
और क्या जिला प्रशासन इस पूरे मामले में संज्ञान लेकर स्थिति स्पष्ट करेगा?
फिलहाल गोधरौली और अभयपुर क्षेत्र में यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है और लोग यह जानना चाहते हैं कि तबादला नीति वास्तव में सबके लिए समान है या फिर कुछ नामों के लिए नियम अलग हैं।


