मुंबई (सं.भा.): श्रद्धा, सेवा और अनुशासन की मिसाल बनी मुंबई–शिर्डी पदयात्रा पालखी एक बार फिर साईं बाबा के जयघोष के साथ अपने पावन सफर पर निकल पड़ी। साईं भक्तों की आस्था से ओतप्रोत यह पदयात्रा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी भक्तिभाव के साथ आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
मुंबई के चांदीवली, काजुपाड़ा स्थित साईं शरण धाम मंदिर से श्री लॉरेन्स बाबा सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में निकाली गई यह मुंबई–शिर्डी पदयात्रा पालखी इस वर्ष अपने 27वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। पालखी यात्रा मुंबई से शिर्डी तक पदयात्रा के रूप में निकाली जाती है, जिसमें साईं भक्त अनुशासन और सेवा भावना के साथ साईं बाबा के दर्शन हेतु निकलते हैं। पालखी प्रस्थान अवसर पर आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली, ट्रस्ट के अध्यक्ष लॉरेन्स बाबा डिसोझा, सचिव नेन्सी डिसोझा, आप्पा परब, विमलेश दुबे, एडवोकेट कैलास आगवणे, राजेश शर्मा, जयप्रकाश राणे, अश्विन पवार, लुसी जोजफ घोनसालविस, सुभाष गायकवाड, विशाल कटके, विनोद प्रजापती, विकी प्रजापती सहित बड़ी संख्या में साईं भक्त उपस्थित रहे। इस दौरान श्रद्धालुओं ने “साईं बाबा की जय” के जयघोष के साथ पालखी को भावपूर्ण विदाई दी तथा यात्रा की सफलता और सभी वारकरियों की सुरक्षित व मंगलमय यात्रा के लिए प्रार्थना की। साईं बाबा की शिक्षाओं—श्रद्धा और सबूरी—को आत्मसात करते हुए निकाली गई यह पदयात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समरसता और सेवा भावना का भी संदेश देती है।


