मुंबई (सं.भा.): घर बैठे खाने-पीने और जरूरी सामान की ऑनलाइन डिलीवरी आज शहरी जीवन का अहम हिस्सा बन चुकी है। लेकिन हाल के दिनों में डिलीवरी से जुड़ी कुछ आपराधिक घटनाओं ने ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। आपको बता दे की आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने अब सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। राज्य के श्रम मंत्री आकाश फुंडकर ने विधानसभा में जानकारी देते हुए कहा कि राज्यभर में ऑनलाइन फूड और अन्य सामान की डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों का चरित्र सत्यापन (पुलिस वेरिफिकेशन) अनिवार्य किया जाएगा। इस संबंध में सभी संबंधित कंपनियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। मंत्री ने कहा कि गृह विभाग और श्रम विभाग के साथ चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है, ताकि ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यदि कोई कंपनी अपने डिलीवरी कर्मचारियों का चरित्र सत्यापन नहीं कराती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विधानसभा में विभिन्न विधायकों ने मुंबई सहित राज्य के अन्य शहरों में डिलीवरी सेवाओं से जुड़ी घटनाओं का मुद्दा उठाया था। इसके बाद सरकार ने इसे जनहित का विषय मानते हुए ठोस नीति बनाने की पहल की है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से जहां एक ओर अपराध की संभावनाओं पर अंकुश लगेगा, वहीं आम नागरिकों में ऑनलाइन सेवाओं के प्रति विश्वास भी मजबूत होगा।
ग्राहकों की सुरक्षा पहले ऑनलाइन कंपनियों को सरकार की चेतावनी
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