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घोषणा के 8 महीने बाद भी बीएमसी नही कर पाई पर्यावरण विभाग का गठन

  • अभी तक सिर्फ उपायुक्त और चीफ इंजिनियर ही विभाग को मिले

मुंबई (सं. भा.) : मुंबई में प्रदूषण ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। बीएमसी की टीम प्रदूषण से निपटने के लिए बैठकें जरूर कर रही है, लेकिन वह फरवरी में 2024-25 के बीएमसी बजट में घोषित पर्यावरण विभाग का गठन करने में अभी तक असफल रही है। बीएमसी की योजना के अनुसार पर्यावरण विभाग में 40-45 लोगों का स्टाफ रखा जाना था। सभी 24 वॉडों के लिए उपायुक्त, चीफ इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियरों की नियुक्ति करने की योजना थी। लेकिन अभी तक सिर्फ उपायुक्त और चीफ इंजिनियर ही पर्यावरण विभाग को मिले हैं, जबकि अक्टूबर के आखिरी सप्ताह और नवंबर की शुरुआत से मुंबई में प्रदूषण का खतरा बढ़ जाता है।

बीएमसी का यह है प्लानः

बीएमसी की योजना के अनुसार पर्यावरण विभाग में उपायुक्त के साथ एक चीफ इंजीनियर, दो डिप्टी चीफ इंजीनियर, तीन एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, 7 जोन के लिए असिस्टेंट इंजीनियर और सभी 25 वॉर्डों में समन्वय के लिए सब इंजीनियरों की नियुक्ति की जाएगी।

करीब डेढ़ करोड़ की आबादी वाले मुंबई में प्रदूषण एक बड़ी समस्या है। बीएमसी ने 2005 में घनकचरा और पर्यावरण विभाग के लिए एक उपायुक्त नियुक्त किया था। 2016 तक दोनों विभागों के लिए एक ही उपायुक्त कार्य करता था। 2016 में दोनों विभागों का विभाजन हुआ। पर्यावरण विभाग को अलग से उपायुक्त मिला, लेकिन इस विभाग को कोई कर्मचारी नहीं दिया गया। वहीं, घनकचरा विभाग के पास करीब 40 हजार कर्मचारी है। सरकार का मुंबई में प्रदूषण कम करने के लिए बीएमसी पर काफी दबाव है, इसलिए पर्यावरण विभाग को घनकचरा विभाग से उधार कर्मचारी लेने पड़े थे। प्रदूषण की बढ़ती समस्या को देखते हुए तत्कालीन बीएमसी कमिश्नर आईएस चहल ने 2024-25 के बजट में बीएमसी में अलग से पर्यावरण विभाग बनाने की घोषणा की, लेकिन पिछले 9 महीने में पर्यावरण विभाग को स्टाफ नसीब नहीं हुआ है।

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