- 5 साल में 28 पर गिरी गाज
- नालासोपारा में सबसे ज़्यादा
वसई। वसई-विरार शहर में ‘फर्जी डॉक्टरों’ का जाल तेजी से फैल रहा है, जो नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। जनवरी 2020 से मार्च 2025 तक, वसई-विरार शहर मनपा के स्वास्थ्य विभाग ने 28 ऐसे फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, उनके क्लिनिक बंद करवाए हैं और उन पर आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए हैं।
मनपा के अनुसार, वसई-विरार का तेजी से हो रहा शहरीकरण ही इस समस्या की जड़ है, क्योंकि इसी के साथ अवैध बस्तियों और चॉलों में ये फर्जी डॉक्टर अपने क्लिनिक चला रहे हैं। इन लोगों के पास न तो किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेज से कोई डिग्री होती है और न ही इनके पास मेडिकल काउंसिल की कोई मान्यता या मनपा की अनुमति होती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ये ‘झोलाछाप’ डॉक्टर बिना किसी उचित प्रशिक्षण के मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है। इस गंभीर खतरे को देखते हुए, वसई-विरार मनपा ने एक विशेष अभियान चलाया है, जिसके तहत शहर के विभिन्न इलाकों में लगातार छापेमारी की जा रही है।
नालासोपारा में सबसे ज़्यादा फर्जी डॉक्टर
मनपा के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक फर्जी डॉक्टर नालासोपारा (पूर्व) इलाके में पकड़े गए हैं। इसके अलावा, वसई वेस्ट, विरार वाई. के. नगर, नारंगी, राजावली, धानिव बाग, बिलालपाड़ा, सातिवली, हवाईपाड़ा, पेल्हार वनोठापाड़ा, बावशेतपाड़ा, वाकणपाड़ा, चिंचोटी, वालीव, संतोष भवन, अलकापुरी, मनीचा पाड़ा, रिचर्ड कंपाउंड और नवघर पूर्व जैसे इलाकों में भी ऐसे फर्जी डॉक्टर पाए गए हैं, जो बेधड़क लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे थे।
शहर में कुछ ऐसे लोग भी डॉक्टर बनकर इलाज कर रहे हैं, जो कभी किसी डॉक्टर के क्लिनिक में सिर्फ सहायक के रूप में कार्यरत रहे थे। वहीं, कुछ के पास अन्य राज्यों की ऐसी डिग्रियां हैं, जिन्हें मान्यता प्राप्त नहीं है। ऐसे ‘झोलाछाप’ डॉक्टरों के इलाज से मरीजों की जान पर बन आती है और उनके सामने गंभीर स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हो सकता है, जिससे निपटने के लिए मनपा की यह कार्रवाई बेहद अहम साबित हो रही है।


