मुंबई (सं. भा.)
मुंबई में आगामी गणेशोत्सव को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए बीएमसी ने बड़ी पहल शुरू की है। इको-फ्रेंडली मूर्तियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मूर्तिकारों को मुफ्त मंडप की अनुमति और शाडू मिट्टी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
बीएमसी के अनुसार, शहर में उपलब्ध स्थानों पर ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर केवल उन्हीं मूर्तिकारों को जगह दी जाएगी, जो इको-फ्रेंडली मूर्तियों का निर्माण करेंगे। इसके साथ ही ऐसे मूर्तिकारों को शाडू मिट्टी भी मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) के उपयोग को कम किया जा सके।
इस पहल के तहत प्रशासन ने गणेशोत्सव और अन्य त्योहारों को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाने के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है। बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी के निर्देश पर और अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अविनाश ढकने के मार्गदर्शन में विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इसके अलावा, मूर्तिकारों को परमिट प्रक्रिया में सहूलियत देने के लिए बीएमसी ने कंप्यूटराइज्ड ‘वन विंडो स्कीम’ भी शुरू की है। इसके जरिए मूर्तिकार ऑनलाइन आवेदन कर आसानी से सभी जरूरी अनुमतियां प्राप्त कर सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया 27 मार्च से शुरू हो चुकी है और 10 अक्टूबर तक जारी रहेगी।
बीएमसी अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उठाया गया है, ताकि मुंबई में गणेशोत्सव और नवरात्रि जैसे त्योहारों को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाया जा सके।
पहले आओ, पहले पाओ’ के तहत मूर्तिकारों को मुफ्त जगह
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