प्रमोद कुमार
नवी मुंबई(स भा): गणेशोत्सव के दौरान आसमान छूने वाली फलों की कीमतों में अब 20 से 25 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिससे आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। इसका असर मुंबई, ठाणे और अन्य उपनगरों के बाजारों में साफ देखा जा रहा है। हालांकि, व्यापारियों ने आशंका जताई है कि नवरात्रि के समय फलों की कीमतें एक बार फिर बढ़ सकती हैं।
क्यों बढ़ी थीं कीमतें?
व्यापारियों के अनुसार, गणेशोत्सव के दौरान पूजा, प्रसाद और मेहमानों के सत्कार के लिए फलों की मांग अचानक बढ़ गई थी, जिससे सेब, संतरे, मोसंबी और सीताफल जैसे फलों के दाम तेजी से बढ़े थे। नवी मुंबई और पनवेल के थोक बाजार में सेब की कीमत 80 से 130 रुपये प्रति किलो तक पहुँच गई थी, जो अब घटकर 70 से 110 रुपये हो गई है।
थोक और खुदरा बाजार में अंतर
हालांकि थोक बाजार में कीमतों में कमी आई है, लेकिन खुदरा बाजार में ग्राहकों को अभी भी अधिक दाम चुकाने पड़ रहे हैं।
खुदरा बाजार में फलों के दाम:
* पेरू: पहले ₹100, अब ₹60 प्रति किलो
* अनार: पहले ₹220, अब ₹180 प्रति किलो
* सेब: पहले ₹200, अब ₹150 प्रति किलो
* पपीता: पहले ₹70, अब ₹60 प्रति किलो
* सीताफल: पहले ₹180, अब ₹140 प्रति किलो
बारिश और मांग में कमी
पनवेल कृषि उपज बाजार समिति के थोक फल बाजार में हर दिन 3.5 से 4 हजार क्विंटल सेब, 500 क्विंटल संतरे और 1500 सीताफल की आवक हो रही है। व्यापारियों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण ग्राहकों की संख्या कम हो गई है, जिससे भी कीमतों में गिरावट आई है। गणेशोत्सव के कारण बाजार में जो रौनक आई थी, वह त्योहार खत्म होते ही खत्म हो गई है। अब व्यापारियों को नवरात्रि में बाजार के फिर से गुलजार होने की उम्मीद है।


