फतेहपुर (सं.भा.)। मच्छर जनित एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। सदर नगर पालिका क्षेत्र को 36 भागों में बांटते हुए यहां बीमारी की रोकथाम के लिए अलग-अलग आठ टीमें गठित की गयी हैं। इन टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने आवंटित क्षेत्र में इस प्रकार काम करें कि हर आठ दिन में प्रत्येक भाग की निगरानी कर सकें। जिन घरों के सामने जल भराव या गंदगी मिले उन्हे नोटिस जारी की जाए। फिर भी अगर गृहस्वामी गंदगी व जलभराव के प्रति सजग न हो तो ऐसे परिवारों पर जुर्माना लगाया जाए।
बदलते मौसम में घर-घर बीमारी फैल रही है। बीमारी पनपने का सबसे बड़ा कारण जगह-जगह जल भराव व गंदगी है। जल भराव व गंदगी की वजह से मच्छरों की पैदावार अधिक हो रही है। सीएमओ ने बताया कि मच्छर व संक्रामक बीमारी रोकने के लिए नगर पालिका क्षेत्र मे कुल आठ टीमें लगाई गयी है। छह टीमें मुख्य रूप से डीडीटी का छिड़काव व एक एक टीमें एनटी लारवा छिड़काव करके संक्रामक रोगों की रोकथाम करेगी। हर टीम में एक सुपरवाइजर व दो हेल्थ वर्करों को रखा गया है। सीएमओ ने बताया कि मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए जरूरी है कि जलभराव की समस्या से पार पाया जाए। उन्होंने कहा कि अभी बारिश प्रारंभ नहीं है फिर भी शहरी क्षेत्रों में नालियों का गंदा पानी घरों के सामने जमा होता है। शुरू होने वाली बारिश में यह समस्या और बढ़ सकती है। इसके लिए पहले सही अभियान चलाया जा रहा है। पांच हजार तक लगेगा जुर्माना मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए सेहत महकमें ने कमर कसी है। सीएमओ डॉ. उमाकांत पांडेय ने बताया कि डीजी हेल्थ के निर्देश मिले है कि इस बार आने वाले मौसम में डेंगू व मच्छर जनित रोगों के फैलाव को शत-प्रतिशत रोका जाए। चूंकि अधिकांश मच्छर घरों के पास जमा गंदे पानी से फैलते हैं, इस लिए जल भराव को सख्ती से रोका जाएगा। इसके लिए पांच हजार तक जुर्माने की भी छूट दी गयी है। हमारी टीमें पहले तो नोटिस देगी। अगर सुधार नहीं हुआ तो इसके बाद ऐसे गृह स्वामियों के विरूद्ध जुर्माना काटा जाएगा। डेंगू के प्रभाव में आने से यह समस्या डेंगू मच्छर में कई तरह की जटिलताए पाई जाती है, यह कईबार रक्तश्रावी डेंगू और डेंगू शाक सिड्रोम जैसे कई खतरनाक रूप धारण कर सकता है। डेंगू की वजह से कई बार शरीर में पानी की कमी, लगातार शरीर से खून निकलना, प्लेटलेस कम होना, रक्तचाप का कम होना, रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी होना। लीवर का क्षतिग्रस्त हो जाना जैसी समस्या आती है।


