मुंबई (सं. भा.)। मुंबई मे डेली लाखों लोगों को उनकी पसंद का खाना खिलाने वाला होटल व्यवसाय आज संकट मे आ गया है। जिसके चलते इसमे काम करने वाले भारी संख्या मे कर्मचारियों के सामने भी रोजी रोटी का संकट खड़ा होने वाला है। हालांकि कोरोना काल मे सभी क्षेत्र के कारोबार पर इसका असर पड़ा है। लेकिन सबसे आवश्यक माने जाने वाला भोजन उपलब्ध कराने वाला होटल व्यवसाय सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। आर्थिक संकट का सामना कर रहे होटल उद्योग को राहत देने की गुहार राकां प्रमुख शरद पवार से की गयी है। गत दिवस यशवंत चव्हाण प्रतिष्ठान में होटल व रेस्टोरेंट की संस्था आहार का एक शिष्टमंडल राकां अध्यक्ष शरद पवार से मिला और उन्हें ज्ञापन दिया। आहार की तरफ से होटलों को रात के डेढ़ बजे तक खोलने की इजाजत देने व ६ महीने का हेल्थ लाइसेंस फीस माफ करने की मांग की गयी है।
कोरोना ने हाल किया बेहाल
आहार अध्यक्ष शिवानंद शेट्टी की तरफ से राकां नेता पवार को दिेए गए ज्ञापन में कहा गया है, की वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से होटल व रेस्टोरेंट सात महीने तक बंद थे। मुंख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के मिशन बिगिन अगेन के तहत कोरोना नियमों के पालन की शर्त पर होटलों को खोलने की इजाजत मिली तो है। लेकिन नाइट कर्फु की वजह से होटल को रात ११ बजे के पहले बंद करना पड़ रहा है।
क्रिसमस व नए साल पर होटल संचालकों को बड़ी उम्मीद होती है, लेकिन नाइट कर्फु की वजह से होटल व परमिट रुम को ११बजे बंद करना पड़ा। शेट्टी ने नाइट कर्फु से राहत दिए जाने की मांग करते हुए कहा को राज्य उत्पादन विभाग के लाइसेंस फीस से सरकार ने राहत दी है। जब तक होटल बंद थे उस अवधि का हेल्थ लाइसेंस फीस माफ किया जाना चाहिए। इससे होटल व्यवसायियों को काफी अधिक राहत मिलेगी। इस अवसर पर आहार के उपाध्यक्ष विजय शेट्टी सहित अन्य लोग मौजूद थे।


